अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। सरकार द्वारा 13 मई को किए गए समझौते को लागू न करने के विरोध में पालिका, परिषद, नगर निगम और फायर विभाग के करीब 50 हजार कर्मचारी 6 अगस्त से तीन दिवसीय हड़ताल पर चले गए। यह हड़ताल 8 अगस्त तक जारी रहेगी। नगरपालिका कर्मचारी संघ, हरियाणा के राज्य प्रधान नरेश कुमार शास्त्री ने सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया।
उनकी 13 मई को सरकार और कर्मचारी संघों के बीच द्विपक्षीय वार्ता हुई थी। इसमें गुरुग्राम सहित सभी छंटनीग्रस्त कर्मचारियों को ड्यूटी पर वापस लेने पर सहमति बनी थी। उन्हें पक्का करने का भी आश्वासन दिया गया था। सरकार ने कर्मचारियों की 17 प्रमुख मांगों पर भी सहमति व्यक्त की थी। 30 जुलाई तक आदेश जारी करने का वादा किया गया था। हालांकि, 5 अगस्त तक भी सहमति के अनुसार पत्र जारी नहीं किए गए। इसी के विरोध में 14 जुलाई को गुरुग्राम में समझौता लागू करवाओ, संगठन मजबूत बनाओ जिला स्तरीय रैली आयोजित की गई थी। रैली की अध्यक्षता नगरपालिका कर्मचारी संघ, हरियाणा के उपाध्यक्ष बसंत कुमार ने की।
ये हैं प्रमुख मांगें
कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में ठेका प्रथा समाप्त करना शामिल है। उन्हें विभाग के रोल पर लेने की मांग की गई थी। दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को नियमित करना भी एक अहम मांग थी। ठेके पर कार्यरत कर्मचारियों को न्यूनतम 15,220 रुपये मासिक वेतन बैंक के माध्यम से देने की बात भी हुई थी। सेवानिवृत्ति पर 5,00,000 रुपये सम्मान राशि देने का भी समझौता हुआ था। मृतक आश्रितों को नौकरी का लाभ देने की मांग भी शामिल थी। दुर्घटना में मृत्यु पर 20 लाख रुपये और प्राकृतिक मृत्यु पर 10 लाख रुपये का लाभ देने पर भी सहमति बनी थी।