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चेक की जगह नकद लेकर 50 लाख रुपये हड़पे

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गुरुग्राम। बिल्डर कंपनी ने अपने तीन कर्मचारियों पर साजिश के तहत फर्जी दस्तावेज तैयार कर फर्जीवाड़े का आरोप लगाया है। आरोप है कि इन कर्मचारियों ने कुछ प्रॉपर्टी डीलरों के साथ मिलकर लोगों से नकद में लाखों रुपये ले लिया। अब तक 50 लाख रुपये लिए हड़पने की बात सामने आई है। कंपनी प्रबंधन की शिकायत पर सुशांत लोक थाना पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है। पुलिस अब मामले की जांच कर रही है।
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पुलिस के अनुसार यह शिकायत मैसर्स राजदरबार बिल्डकॉन प्राइवेट लिमिटेड की ओर से धीरेंद्र सिंह ने दी है।
फर्जीवाड़े का आरोप अंकित शर्मा, राजीव अरोड़ा व रमेश कुमार बिश्नोई पर लगाया गया है। कंपनी का कार्यालय सेक्टर-43 में है। अंकित शर्मा कंपनी में डीजीएम सेल्स, राजीव अरोड़ा एजीएम सेल्स व रमेश कुमार बिश्नोई सहायक मैनेजर सेल्स के पद पर थे। कंपनी प्लॉट, विला, फ्लोर व कमर्शियल शॉप बेचती है। इन सभी कर्मचारियों की जिम्मेदारी प्लॉट व फ्लोर की मार्केटिंग करने की थी। रमेश की रिपोर्टिंग अंकित को और अंकित व राजीव की रिपोर्टिंग पियूष गोयल को थी। आरोप है कि अंकित शर्मा ने कई लोकल प्रॉपर्टी डीलरों से दोस्ती की और कंपनी की एक फर्जी मोहर बना ली। जिसके बाद इन्होंने बुकिंग के नाम पर लोगों से नकद लेना शुरू कर दिया। जबकि कंपनी नकद में डील नहीं करती। कंपनी अधिकारियों की जानकारी के बगैर इन्होंने लोगों से लिए 8-10 चेक कंपनी के खाते में जमा करा दिए ताकि लोगों को भरोसा हो जाए कि उनका पैसा कंपनी में जा रहा है। अप्रैल 2021 में अंकित शर्मा ने इस्तीफा दे दिया और वॉट्सएप मैसेज भेजकर नकद डील के लिए माफी मांगी। लॉकडाउन खुलने के बाद उसे हैंडओवर प्रक्रिया के लिए बुलाया गया। लेकिन वो नहीं आया और परिवार के साथ हिसार से भाग गया। उसका मोबाइल भी बंद था। कार्यालय में कुछ प्रॉपर्टी डीलर भी आए और उसके बारे में पूछा। तब पता चला कि अंकित को उन्होंने नकद दिया था।
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