गुरुग्राम। नए साल के दूसरे दिन भी शहरवासियों को प्रदूषण से राहत नहीं मिली है। लगातार दूसरे दिन शहर का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 400 के पार रहा और यह स्थिति स्वास्थ्य की दृष्टि से बेहद खतरनाक है। बृहस्पतिवार सुबह के समय पूरा शहर स्मॉग की चादर में ढंका हुआ था, जिस वजह से बृहस्पतिवार को एक दिन पहले के मुकाबले प्रदूषण और भी बढ़ गया और एक्यूआई 416 से बढ़कर 429 पर पहुंच गया। हालांकि, दोपहर बाद दिन में तेज धूप भी खिली, लेकिन स्मॉग के व्यापक असर व हवाओं की मंद गति से प्रदूषण कम नहीं हुआ।
नए साल के दूसरे दिन सुबह के समय चारों तरफ स्मॉग नजर आ रही थी, लेकिन दिन चढ़ने के साथ ही हल्की कमी आई लेकिन प्रदूषण में कोई कमी नहीं आई और एक्यूआई लगातार चढ़ता रहा। सुबह के समय दृश्यता महज 250 मीटर ही रह गई थी। ऐसे में वाहन चालकों ने भी एहतियातन वाहन की गति धीमी ही रखी। वहीं, सुबह के समय लोगों ने मॉर्निंग वॉक से भी परहेज किया। स्मॉग के कारण सबसे ज्यादा समस्या दिल्ली-जयपुर हाईवे व महरौली गुरुग्राम पर रोड पर चलने वाले वाहन चालकों को हुई।
ग्रेप का हो रहा उल्लंघन
प्रदूषण बढ़ने के लिए काफी हद तक स्थानीय कारक जिम्मेदार हैं। एक तरफ जहां प्रशासन ग्रेडेड रिस्पांस ऐक्शन प्लान(ग्रेप) के अनुपालन को लेकर लापरवाह हो गया है। वहीं स्थानीय लोग भी ग्रेप का उल्लंघन करने से बाज नहीं आ रहे हैं और ऐसे लोगों के खिलाफ कोई खास कार्रवाई भी नहीं की जा रही है। पटेल नगर में अब भी जगह-जगह खुले में भवन निर्माण सामग्री पड़ी हुई है, जो उड़ रही है तो वहीं धूल भरी सड़कों पर पानी का छिड़काव भी नहीं किया जा रहा है।
31 दिसंबर से शहर का मौसम बिल्कुल बदल गया है। दिन में जहां तेज धूप खिलने से ठंड का प्रभाव काफी कम हो जाता है, वहीं दिन ढलते ही शाम चार बजे से ठंड बढ़ने लगती है। बृहस्पतिवार को भी दिन में तेज धूप खिली, जिस वजह से अधिकतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस जबकि न्यूनतम तापमान 9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। उल्लेखनीय है कि पांच दिन पहले ही सोहना में न्यूनतम तापमान 2 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया था। दिन में कड़ी धूप होने से शाम 7 बजे तापमान 18 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने आगामी दिनों में भी इसी तरह तेज धूप की संभावना व्यक्त की है।