गुरुग्राम। डीएलएफ फेज तीन में पांच दिन पहले आईटी कर्मियों की पार्टी के बाद हुई मारपीट के उपरांत एक अन्य कर्मी की चाकू लगने से मौत के मामले की गुत्थी उलझती नजर आ रही है। पुलिस को पता चला है कि कानपुर के रहने वाले प्रशांत वर्मा की मौत के 15 दिन पहले दोस्त का एक्सीडेंट हुआ था। उसकी मरम्मत के लिए उसने 35 हजार रुपये भी दे दिए थे।
दूसरी ओर, पुलिस ने पार्टी में मौजूद जिन दोस्तों के मोबाइल अपने कब्जे में लिये थे, उनको वापस कर दिए हैं। अब तक पोस्टमार्टम रिपोर्ट नहीं आई है। पुलिस को छानबीन के दौरान पता चला कि प्रशांत से उसके दोस्त की कार का एक्सीडेंट हुआ था जिसकी मरम्मत के लिए 35 हजार भी दिये थे। परिजनों का कहना है कि प्रशांत परिवार वालों को खुद ढाढ़स बंधाया करता था तो उसके आत्महत्या करने का कोई मतलब ही नहीं है। उन्होंने गुरुग्राम पुलिस से न्याय की गुहार लगाई है। थाना प्रभारी डीएलएफ फेस तीन विनीत कुमार का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही अगली कार्रवाई की जाएगी।