मजदूर पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, बिहार, असम और मध्य प्रदेश की महिलाएं
मांडीखेड़ा, नाई नंगला, रानीका और जलालपुर गावों ने उठाई फैक्टरी सील करने की मांग
कैप्शनः मांडीखेड़ा नाई नंगला के बीच मीट फैक्ट्री, कचरा, पानी से दुर्गंध व रोष जताते लोग
ग्राउंड रिपोर्ट
संवाद न्यूज एजेंसीनगीना/मांडीखेड़ा। मीट फैक्टरी के कचरे और गंदे पानी की दुर्गंध से क्षेत्र के दर्जनभर गांवों की आबोहवा खराब हो गई है। लोगों में बीमारियां फैलने का खतरा बना हुआ है। अमोनिया गैस की चपेट में आई 35 महिला कर्मियों को मंगलवार देररात व बुधवार सुबह जिला नागरिक अस्पताल अल-आफिया मांडीखेड़ा व प्राइवेट क्लीनिक से उपचार के बाद छुट्टी मिल गई। यह महिला मजदूर पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, बिहार, असम और मध्य प्रदेश आदि राज्यों की रहने वाली हैं।
गत देर शाम गांव मांडीखेड़ा में स्थित मीट फैक्टरी अल नावेद एग्रो फूड इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड की एल्लाना संस एक्सपोर्ट्स शाखा में अमोनिया गैस का अचानक रिसाव होने के कारण मांस की पैकिंग करने वाली महिला कर्मचारी के बेहोश होने का हादसा हुआ था। हालांकि रिसाव पर तुरंत प्रभाव से काबू पा लिया गया लेकिन इससे पहले देखते ही देखते तीन दर्जन महिला कर्मचारियों की हालत खराब हो गई थी। फिलहाल सभी खतरे से बाहर हैं और दोबारा से काम पर लौट आई हैं। परंतु मीट फैक्टरी से निकलने वाली गंदगी और उसमें होने वाली बदबू और गंदे पानी से दर्जनभर गांवों के लोगों में प्रबंधन के खिलाफ नाराजगी है। दर्जनों जागरूक लोगों ने एकजुट होकर मीट फैक्टरी के बाहरी क्षेत्र में बुधवार शाम प्रदर्शन किया।
बदबू पर लगाई जाए रोक
जिला पार्षद राशिद खान व चौधरी मजीद खान ने बताया कि मीट फैक्ट्री की बदबू और गंदगी के कारण यहां कोई आना पसंद तक नहीं करता। इसकी वजह से गांव के अधिकांश युवाओं की शादी भी नहीं हो पा रही है क्योंकि रिश्ते वाले मीट फैक्टरी से निकलने वाली बदबू के कारण इन गांवों में बेटियां नहीं देना चाहते हैं। आसपास में एक आधा दर्जन फैक्टरी और बनाकर तैयार हो चुकी है। यह फैक्टरियां उत्तर प्रदेश के अलग-अलग शहरों से लाई गई है।
करेंगे बड़ा आंदोलन
गांव मांडीखेड़ा के जाकिर, शरीफ, जुबेर, अयूब, हसन, जुनैद, आलीम खान ने बताया कि गंदगी से इलाके के लोगों को सांस परेशानी हो रही है। इलाके में बदबू के कारण राह चलते लोगों को मुंह ढककर निकलना पड़ता है। गंदगी की वजह से गांव में लोग रिश्ता करने नहीं आते। इस गंदगी से बीमारियां फैलने का खतरा बना हुआ है। यदि मीट फैक्ट्री ने बदबू को खत्म करने के लिए कोई कदम नहीं उठाया तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। अभी छोटा सा प्रदर्शन किया है।
इन गांवों में बन रही फैक्टरियां
गांव मांडीखेड़ा, नांगल मुबारिकपुर, जलालपुर फिरोजपुर और नाई नंगला के आसपास मीट फैक्टरियां तेजी से बढ़ रही हैं। इन मीट फैक्टरियों का गंदा पानी खेतों में आसपास भरा रहता है। गांव के किनारे गुजरने वाले नाले में जाता है। इसी बदबू से लोग परेशान हैं।
पंचायत विभाग के अधिकारियों को शिकायत दी गई है ताकि समस्या से पूरी तरह निजात मिल जाए।
- जीनत बानो, सरपंच मांडीखेड़ा
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मांडीखेड़ा ग्राम पंचायत की तरफ से शिकायत मिली है जिस पर मौका मुआयना करने के बाद कार्रवाई की जाएगी।
अर्जुन सिंह, बीडीपीओ नगीना