गुरुग्राम। पुराने शहर को मेट्रो से जोड़ने का सपना 2025 तक पूरा हो जाएगा। हरियाणा मास रैपिड ट्रांजिट कॉर्पोरेशन (एचएमआरटीसी) द्वारा हुडा सिटी सेंटर से पुराने शहर में मेट्रो लूप बनाते हुए नए गुरुग्राम से जोड़ेगा। इसकी डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कर 5125 करोड़ रुपये की लागत का अनुमान लगाया गया है। 31 किलोमीटर लंबे इस रूट पर 25 स्टेशन प्रस्तावित हैं। इसकी राइडरशिप सहित अन्य संभावनाओं को लेकर स्कूल ऑफ प्लानिंग द्वारा सर्वे किया गया था इसकी रिपोर्ट तैयार कर ली गई है। इस रिपोर्ट को अधिकारिक तौर पर सोमवार को जीएमडीए को सौंपा जाएगा। इस रिपोर्ट के अनुसार आगे की कार्रवाई शुरू होगी। आशा की जा रही है कि दिसंबर महीने से धरातल पर कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
- 25 स्टेशन हैं प्रस्तावित
मेट्रो हुडा सिटी सेंटर से शुरू होकर सिकंदरपुर मेट्रो स्टेशन पर जुड़ेगी। इस रूट पर हुडा सिटी सेंटर के साथ सेक्टर-45, साइबर पार्क, सेक्टर-46, सेक्टर-47, सेक्टर-48, टेकनोलॉजी पार्क, उद्योग विहार फेज-6, सेक्टर-10, सेक्टर-37, बसई, सेक्टर-9, सेक्टर-7, सेक्टर-4, सेक्टर-5, अशोक विहार, सेक्टर-3, कृष्णा चौक, पालम विहार एक्सटेंशन, पालम विहार, सेक्टर-23ए, सेक्टर-22, उद्योग विहार फेज-4, उद्योग विहार फेज-5, साइबर सिटी स्टेशन होंगे।
- 5,125 करोड़ रुपये आएगी लागत
अधिकारियों ने बताया कि प्रोजेक्ट को तैयार करने में 5.125 करोड़ रुपये की लागत आएगी। इसमें जमीन खरीदने के लिए 217.25 करोड़ रुपये, मेट्रो अलाइनमेंट व फोरमेशन के लिए 975.98 करोड़, स्टेशन बिल्डिंग सहित अन्य के लिए 935.42 करोड़, डिपो के लिए 128.06 करोड़, ट्रेक्शन व पावर सप्लाई के लिए 324.07 करोड़, मुख्य लाइन के लिए 228.34 करोड़, सिग्नल व टेलीकॉम के लिए 320.15 करोड़, स्टाफ क्वार्टर के लिए 44.90 करोड़, अन्य कार्यो, सड़क निर्माण सहित अन्य कार्यों के लिए 166.02 करोड़ रुपये सहित अन्य कार्यों पर कुल 5125 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
-पुराने व नए गुरुग्राम में मेट्रो बनेगी कड़ी
वर्तमान में मेट्रो के जरिए दिल्ली को नए गुरुग्राम से जोड़ा गया है। लूप योजना के तहत पुराने गुरुग्राम को नए गुरुग्राम से भी जोड़ा जाएगा। रेलवे स्टेशन के नजदीक होने के कारण मेट्रो के सफर को बेहतर कनेक्टिविटी माना जा रहा है। अनुमान लगाया जा रहा है कि वर्ष 2025 में मेट्रो शुरू होने पर प्रतिदिन 1.42 लाख से अधिक लोग इस मेट्रो का सहारा लेकर पुराने से नए गुरुग्राम के बीच का सफर तय करेंगे। जबकि 2041 तक मेट्रो की इस रूट पर रीइडरशिप बढ़कर 2.41 लाख से अधिक हो जाएगी।
- जीएमडीए को चार दिन में मिलेगी रिपोर्ट
एचएमआरटीसी की ओर से शहर में मेट्रो के लिए सर्वे कर लिया गया है। यह सर्वे स्कूल ऑफ प्लानिंग सहित राइट्स ने किया है। इसमें न केवल यात्रियों की अनुमानित यात्रियों की संख्या सहित बल्कि अन्य परिवहन साधनों की जानकारी दी जाएगी। स्कूल ऑफ प्लानिंग ने अपनी सर्वे रिपोर्ट सोमवार तक जीएमडीए को सौंपनी है जिसके बाद जीएमडीए अधिकारी इस पर बैठक कर विस्तार से चर्चा करेंगे।
दिसंबर तक मिलेगी भारत सरकार से स्वीकृति
अधिकारियों ने बताया कि जीएमडीए की तरफ से डीपीआर जून महीने में तैयार कर राज्य सरकार को स्वीकृति के लिए भेज दी थी। राज्य सरकार ने इस डीपीआर को जुलाई महीने में स्वीकृत कर दिया। जीएमडीए की तरफ से सितंबर महीने में ही इस कार्य के लिए सलाहकार की नियुक्ति की जानी है। साथ ही इस डीपीआर को भारत सरकार के पास भेजकर स्वीकृति प्राप्त करनी है। इस स्वीकृति दिसंबर महीने की शुरूआत तक मिल जाएगी जिसके बाद धरातल पर कार्य शुरू हो जाएगा।