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प्लाट बेचने के नाम पर 30 लाख रुपये ठगे

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गुरुग्राम। फर्जी लाइसेंस दिखा कर महिला को प्लाट दिखा 30 लाख रुपये ठग लिए। प्राथमिक जांच के बाद सेक्टर-56 थाना पुलिस ने बिल्डर कंपनी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। पुलिस के अनुसार शिकायत देने वाली महिला शशि प्रकाश झज्जर के गांव भडाना की मूल निवासी है। फिलहाल वह महाराष्ट्र थाने के डोंबिवली ईस्ट में रहती है।
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फर्जी दस्तावेज दिखाकर ठगी का आरोप बादशाहपुर स्थित लोटस ग्रुप के निदेशक राजन सिंह पर लगाया गया है। महिला का कहना है कि गुरुग्राम में प्रॉपर्टी खरीदने के लिए कुछ महीने पहले ऑनलाइन सर्च कर रही थी। इसी दौरान एक रियल एस्टेट वेबसाइट पर उन्हें लोट्स ड्रीम प्रोजेक्ट एंड डेवलेपर्स प्राइवेट लिमिटेड की डिटेल मिली। कंपनी का हेड ऑफिस सेक्टर-56 में बताया गया था। फिर वहां पर अपना नाम, पता, मोबाइल, ईमेल आदि जानकारी भर दी। फिर एक नंबर से कॉल आया। युवती अपना नाम सोनी बताते हुए कहा कि वह लोट्स ग्रुप बिल्डर्स से बोल रही है और कंपनी ने एक प्रोजेक्ट शुरू किया है। युवती ने कहा कि प्रोजेक्ट संबंधित विभागों से अप्रूव है। महिला को मुंबई से बुलाकर साइट भी विजिट कराई गई।
6 लाख 3 हजार रुपये लेकर महिला से करार किया गया। महिला ने इसके लिए कुल 30,31,500 रुपये अदा किए। लेकिन पेमेंट मिलने के बाद आरोपियों ने कॉल रिसीव नहीं की। महिला को पेमेंट लेते समय कहा गया कि वे रजिस्ट्री करा देंगे जबकि सोहना तहसील से महिला ने पता किया तो बताया गया कि रजिस्ट्री फिलहाल बंद है। महिला को समझ आ गया कि उसे झूठ बोलकर पूरी पेमेंट ले ली गई है। महिला ने अपने पति के साथ दिसंबर महीने में गुड़गांव आकर स्टैंप ड्यूटी फीस के लिए दिए गए ढाई लाख रजिस्ट्री न होने तक वापस मांगे तो आरोपी ने 24 दिसंबर को बताया कि वह 10 दिसंबर को ही रिफंड प्रक्रिया शुरू कर चुका है। करीब 45 से 60 दिन में यह राशि खाते में आ जाएगी। तब पता चला कि आरोपी के पास प्रोजेक्ट के लिए लाइसेंस ही नहीं है। जबकि करार से पहले महिला को 12 एकड़ जमीन की एनओसी यह कहते हुए दिखाई गई थी कि प्रोजेक्ट स्वीकृत है।
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