पिछले पांच महीनों में 2,165 मामले आए सामने
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। साइबर सिटी में आवारा कुत्तों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। सेक्टर 10 स्थित नागरिक अस्पताल में रोजाना कुत्तों से घायल हुए 25 से 30 नए मामले सामने आते हैं। पुराने और नए मामले मिलाकर रोजाना 100 मामले करीब हो जाते हैं। पिछले पांच महीनों में ही 2,165 लोगों को कुत्ते काट चुके हैं।
अस्पतालों में रोजाना बड़ी संख्या में मरीज रेबीज इंजेक्शन लगवाने के लिए पहुंच रहे हैं। शहर हो या गांव, हर जगह गलियों और चौराहों पर कुत्तों के झुंड देखे जा सकते हैं। इनसे बचने के लिए लोग, खासकर बच्चे, रास्तों में निकलने से कतराने लगे हैं। कई बार कुत्ते बाइक और कार सवारों पर भौंकते हैं और पीछा भी करते हैं, जिससे लोगों की सुरक्षा पर खतरा मंडराता है। डाॅक्टरों की मानें तो जून से अगस्त के बीच कुत्ते के काटने मामले अधिक होते हैं। नागरिक अस्पताल के पीएमओ डॉ. लोकवीर ने बताया कि रेबीज का इंजेक्शन यहां 100 रुपये में मिलता है।
वर्ष घायल होने के मामले
2021 1232
2022 1342
2023 4685
2024 4529
2025 2165( 31 मई तक)
सुप्रीम कोर्ट ने तय की नई व्यवस्था
सुप्रीम कोर्ट के ताजा आदेश के अनुसार अब आवारा कुत्तों को नसबंदी और डीवॉर्म करने के बाद छोड़ा जाएगा। हालांकि रेबीज से संक्रमित या ज्यादा आक्रामक प्रवृत्ति वाले कुत्तों को नहीं छोड़ा जाएगा। कोर्ट ने निर्देश दिए गए हैं कि प्रत्येक वार्ड में निर्धारित फीडिंग जोन बनाए जाएं। वहीं सड़कों पर कुत्तों को खाना खिलाना प्रतिबंधित रहेगा। इसके अलावा प्रत्येक नगरपालिका को हेल्पलाइन नंबर जारी करना होगा ताकि नियमों के उल्लंघन की शिकायत दर्ज कराई जा सके। साथ ही आदेश में कहा गया है कि एनजीओ और पशु प्रेमियों को 25 हजार से लेकर दो लाख रुपये तक की राशि जमा करनी होगी।