गुरुग्राम। कोरोना टीकाकरण को लेकर जिला स्वास्थ्य विभाग ने पार्क प्लस के साथ मिलकर शुक्रवार को ड्राइव थ्रू वैक्सीनेशन का ट्रायल किया। मुंबई के बाद गुरुग्राम दूसरा शहर है, जहां ड्राइव थ्रू वैक्सीनेशन का ट्रायल किया गया है। इसके तहत डीएलएफ सिटी सेंटर मॉल की पार्किंग में 200 लोगों को कोरोना का टीका लगाया गया। सुबह 10 बजे से टीकाकरण की प्रक्रिया शुरू हुई और सभी लाभार्थियों को कोवीशील्ड वैक्सीन की दूसरी डोज ही लगाई गई।
ट्रायल के तहत स्वास्थ्य विभाग ने 45 साल से ऊपर के लोगों को टीका लगाया। योजना के मुताबिक मॉल की पार्किंग में पहुंचे लाभार्थियों को कार में बैठे ही बैठे टीका लगा दिया गया। स्वास्थ्य विभाग की योजना के मुताबिक पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर टीका लगाया जाना था। ऐसे में सुबह 9 बजे से ही लोग डीएलएफ सिटी सेंटर मॉल पहुंचने शुरू हो गए थे। इस दौरान वाहनों की लंबी कतार लग गई। 200 लोगों को टीका लगाए जाने के बाद करीब 100 लोगों को टीका नहीं लग पाया और उन्हें वापस लौटना पड़ा। अधिकारियों के मुताबिक इसी तरह का ड्राइव थ्रू वैक्सीनेशन कैंप शनिवार को एंबिएंस मॉल में लगाया जाएगा, जहां 300 लोगों को टीका लगाने का लक्ष्य रखा गया है। हालांकि, शनिवार को कोवैक्सीन की दूसरी डोज दी जाएगी।
30 मिनट तक कार में ही बैठे रहे लोग
टीका लगवाने के बाद 30 मिनट तक लाभार्थी कार में ही बैठे रहे और स्वास्थ्य संबंधी किसी भी तरह की कोई परेशानी न होने पर ही अपने घरों को रवाना हुए। ट्रायल के तहत टीका लगवाने को लेकर लोग खासे उत्साहित थे। कुछ लोग अकेले ही पहुंचे थे तो कुछ बुजुर्ग अपने ड्राइवर के साथ टीका लगवाने के लिए पहुंचे थे। वहीं, कई लोग ऐसे भी थे जो परिवार के साथ टीका लगवाने के लिए डीएलएफ सिटी सेंटर मॉल की पार्किंग में पहुंचे थे।
काफी पहले से बनाई जा रही थी योजना
स्वास्थ्य विभाग काफी पहले से ही ट्रायल की योजना पर काम कर रहा था। यही वजह है कि शुक्रवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. वीरेंद्र यादव खुद मौके पर मौजूद रहे और व्यवस्थाओं का जायजा लेते रहे। उन्होंने टीकाकरण की प्रक्रिया को व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराया। सिटी सेंटर मॉल की पार्किंग में टीकाकरण के लिए शुक्रवार को शहर के विभिन्न इलाकों से लोग पहुंचे थे, जहां सुबह 10 बजे से टीकाकरण की प्रक्रिया शुरू हुई। प्रयोग के सफल रहने पर अब जिला स्वास्थ्य विभाग इसी तरह अन्य जगहों पर भी ड्राइव थ्रू वैक्सीनेशन कैंप का आयोजन कर सकता है, जिसमें कई विभिन्न संस्थाओं का भी सहयोग लिया जाएगा।
(फोटो है)