पूर्व सीजेआई का रिश्तेदार बनकर नारनौल कोर्ट में नौकरी लगवाने की बात कही थी
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। थाना सेक्टर-17/18 क्षेत्र में किसान से 20 लाख ठगने का मामला सामने आया है। जालसाज ने 2016 में पूर्व सीजेआई का रिश्तेदार बनकर किसान के दामाद को नारनौल कोर्ट में सरकारी नौकरी लगवाने का झांसा दिया। इसके बाद 8 साल तक भरमाता रहा। 2024 तक नौकरी नहीं लगने के बाद जब किसान ने रुपये वापस मांगे तो आरोपी ने धमकी दी। किसान ने शनिवार को थाने में मामला दर्ज करवाया है।
रेवाड़ी जिले के गांव खलियावास निवासी खेमचंद किसान हैं। उनके दोस्त वीरेंद्र सिंह ने उन्हें बहादुर सिंह ठाकुर नाम के व्यक्ति से मिलवाया था। बहादुर सिंह ने खुद को पूर्व मुख्य न्यायाधीश टीएस ठाकुर का रिश्तेदार बताया था। खेमचंद के दामाद धर्मवीर गुरुग्राम में एक ठेकेदार के पास सुपरवाइजर हैं। बहादुर सिंह ने धर्मवीर को नारनौल कोर्ट में चतुर्थ श्रेणी की नौकरी दिलवाने की बात कही। इसके बाद खेमचंद ने आरोपी को 12 फरवरी 2016 को 10 लाख रुपये नकद दिए। एक मार्च 2016 को टीएस ठाकुर की पत्नी के लिए नीमराना में फार्म हाउस दिलवाने और खेमचंद के बेटे की नौकरी का लालच देकर 10 लाख रुपये और ले लिए।
जब नारनौल कोर्ट में चतुर्थ श्रेणी की भर्ती संबंधी सूची जारी हुई तो उसमें धर्मबीर का नाम नहीं था। खेमचंद ने बहादुर सिंह से पूछा तो उसने कहा कि अगली भर्ती में दोनों को नौकरी पर लगवा देगा। इसके बाद 8 साल तक यही क्रम चलता रहा और बहादुर सिंह ने उसके दामाद व बेटे को नौकरी नहीं लगवाई। जब खेमचंद ने अपने 20 लाख रुपये वापस मांगे, तो बहादुर सिंह टालमटोल करता रहा और बाद में धमकियां देने लगा। पुलिस से शिकायत पर बहादुर सिंह ने 26 जून 2024 को लिखित में दिया कि 10 जुलाई 2024 तक वह रुपये लौटा देगा। लेकिन वह अब फरार है। खेमचंद की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। जांच अधिकारी सतीश कुमार ने बताया कि मामला दर्ज करके छानबीन शुरु गई है।