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पब-बार की आड़ में होती है गड़बड़ी, नहीं होता है नियमों का पालन

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पब-बार की आड़ में होती है गड़बड़ी, नहीं होता है नियमों का पालन
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-एमजी रोड से सभी पब-बार हटवाना चाहते हैं स्थानीय लोग
-पुलिस द्वारा एनओसी रद्द करने के बाद और कार्रवाई चाहते हैं निवासी
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। शहर में पब-बार से होने वाली दिक्कतों के कारण स्थानीय निवासियों के संगठन आमने-सामने आ गए हैं। पुलिस ने स्थानीय लोगों की शिकायत पर एमजी रोड स्थित 13 पब-बार के लाइसेंस रद्द कर दिए, लेकिन हाईकोर्ट से राहत मिलने के बाद अब दोबारा एमजी रोड गुलजार होने की उम्मीद है। एमजी रोड पर पब-बार के कारण होने वाले हुड़दंग और असामजिक तत्वों के खिलाफ स्थानीय निवासी कड़ी कार्रवाई चाहते हैं। एमजी रोड के दोनों किनारे बसे स्थानीय निवासियों के संगठन आरडब्ल्यूए सभी पब-बार को बंद करवाकर उस क्षेत्र को पब-बार मुक्त कराना चाहते हैं। इसकी मांग विभिन्न आरडब्ल्यूए ने कैबिनेट मंत्री नरबीर सिंह के समक्ष रविवार रात रखी है।
जिले में एमजी रोड और साइबर हब में मुख्य रूप से पब-बार है। एमजी रोड इसमें सबसे पुराना है। यहां पर 25 पब-बार विभिन्न मॉल में है। सेक्स रैकेट और अन्य अनैतिक कार्यों के कारण सबसे ज्यादा पुलिस की कार्रवाई एमजी रोड पर ही हुई है। इसी को ध्यान में रखते हुए पुलिस ने 13 पब-बार का एनओसी रद्द करते हुए बंद करने का आदेश दिया था।
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पब-बार के कारण जीना है मुहाल
-एमजी रोड पब-बार के लिए जाना जाता है। यहां एनसीआर के दूसरे शहरों के अलावा हरियाणा और यूपी के कई जिलों के युवा मौज मस्ती के लिए यहां आते हैं। दस मॉल में यहां करीब दो दर्जन पब-बार है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पब-बार की वजह से यहां पर स्थानीय लोगों का जीना मुहाल हो गया है। पब-बार की वजह से देर रात तक हुड़दंग मचाते हैं और खुले में शराब परोसा जाता है। पब-बार की आड़ में देह व्यापार होता है। इसमें कुछ गेस्ट हाउस के लोग भी शामिल होते हैं। जहां पर अनैतिक कार्य होते हैं।
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आदर्श रोड के रूप में विकसित करना चाहते हैं स्थानीय लोग
-विभिन्न आरडब्ल्यूए सदस्यों का कहना है कि सभी पब-बार बंद कराकर इसे मॉडल रोड के रूप में विकसित किया जाए। इसके लिए जल्द ही किसी सेवानिवृत्त नगर योजनाकर से मिलकर यहां के लिए खाका तैयार करवाया जाएगा। स्थानीय प्रशासन और सरकार की मदद से अमली जामा पहनाया जाएगा।
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केके राव, पुलिस आयुक्त: पुलिस अनैतिक कार्यों को बर्दाश्त नहीं करेगा। लगातार पुलिस की निगरानी इस पर बनी हुई है। सभी पब-बार को चेक किया जा रहा है। हाईकोर्ट में पुलिस भी अपना पक्ष रखेंगी। स्थानीय लोगों की सुरक्षा पहली प्राथमिकता है।
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इन नियमों की उड़ती है धज्जियां
-रात 12.00 बजे तक ही पब-बार खुले रहें। ज्यादा फीस देकर एक घंटे की विशेष अनुमति ली जा सकती है। अमूमन नियम तोड़ते हैं
-पब-बार में प्रवेश के पहचान पत्र लेना चाहिए, लेकिन नहीं लिया जाता है
-पब-बार के अंदर से शराब लाकर बाहर पीते हैं
-शराब के नशे में लोग हुड़दंग करते हैं, जो पुलिस के लिए सिर दर्द है
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राजीव सिंह, पूर्व प्रधान, एस्सेल टावर आरडब्ल्यूए: रात को बहुत हुड़दंग होता है। स्थानीय लोगों को यहां निकलना मुश्किल है। पब-बार की वजह से ही कुछ गेस्ट हाउस में भी अनैतिक कार्य होते हैं। यहां लोगों के लिए फैमिली रेस्टरां होना चाहिए।
आकाश ओबेरॉय, उपप्रधान, मेट्रोपॉलिटन ऑनर्स वेलफेयर एसोसिएशन: अनैतिक कार्यों की वजह से स्थानीय निवासी विरोध में खड़े हुए है। इसकी मांग मुख्यमंत्री के समक्ष की गई थी। सरकार अच्छा काम कर रही है। सभी सुरक्षित सोसाइटी चाहते हैं।
अमन, सदस्य, डीएलएफ आरडब्ल्यूए: सभी पब-बार बंद कर मॉडल रोड के रूप में इसे विकसित करना चाहते हैं। इसकी मांग भी स्थानीय कैबिनेट मंत्री से की गई है। जल्द ही एक खाका तैयार कर दिया जाएगा।
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उमेश गुप्ता, प्रधान, डीएलएफ-2 आरडब्ल्यूए: खुले में शराब पीने से लेकर नशे का कारोबार भी चोरी-छिपे होता है। पुलिस की कार्रवाई स्वागत योग्य है। और भी पब-बार पर शिकंजा कसने की जरूरत है। इससे स्थानीय लोगों को फायदा होगा।
--शाहनवाज आलम-
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