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Gurugram News: एसबीआई सेक्टर 17 ब्रांच में खुले 180 खाते पुलिस के रडार पर

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पुलिस ने मांगा खातों का ब्योरा, अब तक बैंकों के 15 कर्मचारी किए जा चुके हैं गिरफ्तार
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अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। एसबीआई के डिप्टी मैनेजर की ओर से खुलवाए गए 180 बैंक खाते पुलिस की रडार पर हैं। आरोपी जब एसबीआई की सेक्टर 17 शाखा में काम कर रहा था तो ये खाते खुलवाए थे। पुलिस ने बैंक से सभी खातों की जानकारी मांगी है ताकि उनकी जांच की जाए। पुलिस को शक है कि अन्य खातों का भी प्रयोग साइबर ठगी में किया गया होगा। पुलिस विभाग मेवात के साइबर ठगों पर शिकंजा कसने के बाद अब उन्हें बैंक खाते उपलब्ध कराने वालों पर कार्रवाई कर रहा है। गुरुग्राम पुलिस अभी तक सरकारी और निजी बैंकों के 15 कर्मचारियों को गिरफ्तार कर चुकी है।
गुरुग्राम पुलिस के साइबर सेल की ओर से पहले निजी बैंकों के कर्मचारियों को गिरफ्तार किया गया था। बुधवार को पुलिस ने एसबीआई के डिप्टी मैनेजर को साइबर ठगों को खाता उपलब्ध कराने के आरोप में गिरफ्तार किया था। पुलिस के अनुसार शहर में बैंककर्मियों के साइबर अपराधियों के साथ मिलीभगत के मामले लगातार सामने आ रहे हैं, जो कि चिंता का विषय है। एसबीआई की सेक्टर 17 शाखा के डिप्टी मैनेजर 35 वर्षीय राहुल को फरवरी में साइबर ईस्ट पुलिस द्वारा दर्ज धोखाधड़ी के एक मामले में बैंक से गिरफ्तार किया गया था। 15 फरवरी को आईटी कर्मचारी पंकज तोमर ने एक लिखित शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि अज्ञात व्यक्तियों ने उन्हें अच्छे रिटर्न के लिए एक एप के माध्यम से शेयर बाजार में निवेश करने का लालच देकर 52.14 लाख रुपये ठग लिए थे। साइबर थाना पुलिस पुलिस ईस्ट ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। जांच में पता चला कि ठगी की गई रकम में से 9 लाख रुपये कमला पैलेस सदर स्थित कुर्ला ईकॉम के नाम से खोले गए चालू खाते में ट्रांसफर किए गए थे। फर्म के मालिक अमन कुमार (24) जो देहरादून के रहने वाले हैं, को 13 जून को गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने पाया कि गुरुग्राम शहर में दिया गया फर्म का पता फर्जी था और चालू खाता खोलने वाले बैंकर ने आरबीआई द्वारा निर्धारित केवाईसी मानदंडों का उल्लंघन किया था। साइबर क्राइम एसीपी प्रियांशु दीवान के अनुसार एसबीआई की सेक्टर 17 शाखा के डिप्टी मैनेजर राहुल ने फर्जी तरीके से चालू खाता खुलवाया था और अपने साथियों को उपलब्ध कराया था। प्रारंभिक जांच में पुलिस को पता चला कि राहुल 9 नवंबर 2022 से एसबीआई की सेक्टर 17 शाखा में काम कर रहा था, उसने अब तक 180 बैंक खाते खुलवाए हैं। राहुल ने कबूल किया कि उसने गुरुग्राम के सुमेर नामक व्यक्ति द्वारा उपलब्ध कराए गए दस्तावेजों के आधार पर लक्ष्य को पूरा करने के लिए बैंक खाता खुलवाया था। वहीं, अमन ने दावा किया कि सुमेर ने उसे गुरुग्राम में रोजगार दिलाने के बहाने उससे पहचान और पते के दस्तावेज एकत्र किए। पुलिस अभी तक सुमेर का पता नहीं लगा पाई है। पुलिस ने एसबीआई को पत्र लिखकर राहुल द्वारा खोले गए सभी बैंक खातों का विवरण मांगा है ताकि पता लगाया जा सके कि उसने साइबर जालसाजों को कोई और बैंक खाता उपलब्ध कराया है या नहीं। 11 फरवरी से अब तक साइबर अपराध पुलिस ने एसबीआई, कोटक महिंद्रा, यस बैंक, आरबीएल बैंक, एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक, पीएनबी और आईडीएफसी बैंक के 15 बैंक कर्मचारियों को पैसे के लिए साइबर बदमाशों को बैंक खाते उपलब्ध कराने के आरोप में गिरफ्तार किया है।
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मुंबई के एक युवक से रोजगार के नाम पर 17 खाते खुलवाए गए
दो युवकों ने मुंबई निवासी युवक को नौकरी दिलाने के बहाने गुरुग्राम बुलाया था। आरोपियों ने इसके कागजात पर पहले करीब 17 बैंकों में खाते खुलवाए और इसके बाद मोबाइल नंबर लेकर लिंक करवा दिए । शिकायत पर पुलिस ने 22 जून को दो आरोपियों को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में पूरे मामले का खुलासा हुआ था। एसबीआई मामले में भी एक आरोपी को नौकरी दिलाने का वादा किया था।

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अब तक हुई कुछ प्रमुख गिरफ्तारियां
26 फरवरी- मानेसर साइबर पुलिस ने कोटक महिंद्रा बैंक की एमजी रोड शाखा के कारपोरेट कार्यालय में काम करने वाले असिस्टेंट मैनेजर मोहित राठी, दो डिप्टी मैनेजर महेश और विश्वकर्मा मौर्या को गिरफ्तार किया था।
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02 मार्च- यस बैंक की दिल्ली की लाजपत नगर ब्रांच में तैनात मैनेजर मो. मुकिम, छतरपुर ब्रांच में तैनात डिप्टी सेल्स मैनेजर अनकेश व सेल्स आफिसर रोशन को गिरफ्तार किया था।
07 मार्च-साइबर पुलिस ने एचडीएफसी बैंक के मैनेजर और इंडसइंड बैंक में रिलेशनशिप मैनेजर को बिजनौर से गिरफ्तार किया था।
11 मार्च- साइबर थाना ईस्ट पुलिस ने यश बैंक की रोहिणी शाखा के दो कर्मचारियों को अरेस्ट किया था।
01 अप्रैल- आरबीएल बैंक दिल्ली के कर्मचारी को पुलिस ने गिरफ्तार किया था।
08 अप्रैल-एयू स्मॉल फाइनेंस के कर्मचारी को गिरफ्तार किया था।
10 अप्रैल-दिल्ली से एसबैंक के कर्मचारी को गिरफ्तार किया था।
10 मई- मुंबई से एस बैंक के डिप्टी मैनेजर को गिरफ्तार किया था।
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