गुरुग्राम। कंट्री टाउन प्लानिंग विभाग गुरुग्राम ने लोगों से पूरी रकम लेने और उनको फ्लैट का कब्जा न देने वाली 18 हाउसिंग सोसाइटी के लाइसेंस निरस्त कर दिए हैं। इनको लोगों के समय से फ्लैट देने तथा फ्लैट की कमियों को पूरा करने के बारे में दिसंबर 2020 में नोटिस जारी किए गए थे। इस नोटिस के बावजूद उन्होंने कमियों को दूर नहीं किया और न ही लोगों के फ्लैट दिए। जिसकी सोमवार को कंट्री एवं टाउन प्लानिंग की बैठक में समीक्षा हुई। इस दौरान भी उनकी ओर से संतोषजनक जानकारी नहीं दी गई। उसी के बाद यह कार्रवाई की गई है।
एसटीपी संजीव मान ने बताया कि 18 बिल्डरों में 16 गरुग्राम के हैं, जबकि दो झज्जर जिले के हैं। इन सभी के बारे में शिकायतें मिली थीं, जिसके आधार पर पिछले साल नवंबर और दिसंबर के महीने में तकनीकी अधिकारियों से सत्यापन कराया गया था। इसी की रिपोर्ट के आधार पर यह निर्णय लिया गया है।
एसटीपी के अनुसार इन बिल्डरों ने हाउसिंग और कॉमर्शियल प्रोजेक्ट को बनाने के दौरान लोगों से आंतरिक और बाह्य शुल्क के रूप में कई करोड़ रुपये वसूल लिए थे, लेकिन यह राशि विभाग को जमा नहीं की थी। जबकि यहीं कहा जाता रहा कि आवंटियों से अभी किस्त नहीं मिली हैं।
बिल्डरों के लाइसेंस निरस्त करने का निर्णय लेने के बाद कंट्री एवं टाउन प्लानिंग विभाग की ओर से अब उनके प्रोजेक्टों को टेक ओवर करने की प्रक्रिया की जानी है। ताकि इन अधूरे प्रोजेक्ट को पूरा कराने के लिए दूसरी एजेंसी या बिल्डर को सौंपा जा सके। जिससे कि इनके कामर्शियल भवन तथा फ्लैट आवंटियों को समय से उपलब्ध कराए जा सकें। इसलिए संबंधित हाउसिंग सोसाइटी के आवंटियों से जानकारी मांगी जा रही है। उनको पत्र जारी करके कहा गया है कि उनकी जो भी समस्याएं हों। उनके बारे में कंट्री एवं टाउन प्लानिंग विभाग को अवश्य बता दें। जिसके कि संबंधित अधूरे प्रोजेक्ट को कब्जे में लेकर पूरा कराया जा सके।