बीमार 67 मोर हुए पूरी तरह फिट, जल्द होंगे आजाद
- संदिग्ध बीमारी से पीड़ित होने के बाद चल रहा था इलाज
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। चंद्र शेखर स्मृति वन में 67 मोर को जल्द खुले में छोड़ दिया जाएगा। एक विशेष बीमारी के बाद यहां चल रहे इलाज के बाद अब डॉक्टरों की रिपोर्ट में इन मोरों को फिट घोषित कर दिया गया है। वैसे अब भी डॉक्टरों की निगरानी में इन्हें खुले में रखा गया है।
नेताजी चंद्र शेखर स्मृति वन व आसपास के पहाड़ी क्षेत्र में रहने वाले यह मोर इन दिनों वन परिसर में ही बनाए अस्थायी अस्पताल में रखे गए हैं। इन्हें न्यूकैसल (रानीखेत) नामक बीमारी के कारण इलाज के लिए यहां भर्ती करवाया गया था। पिछले दिनों अरावली हिल्स के इस हिस्से में रहने वाले मोर संदिग्ध बीमारी के कारण बड़ी संख्या में मरने शुरू हुए तो वाइल्ड लाइफ डिपार्टमेंट ने इनकी जांच पड़ताल शुरू करवाई। कई दिनों की पड़ताल के बाद इन मोरों में दिमाग से संबंधित बीमारी (नेरवाइन डिसऑर्डर) की पुष्टि की गई। इसके बाद हिसार से बुलाई गई विशेषज्ञ डॉक्टर्स की टीम की देखरेख में वाइल्ड लाइफ विभाग के अधिकारियों के साथ इनका इलाज चल रहा था। हालांकि इस बीच अरावली हिल्स क्षेत्र में 300 से अधिक मोरों की मौत हो गई। इनमें से काफी संख्या में मोरों ने इलाज के लिए भर्ती करवाने के बाद भी दम तोड़ दिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए चंद्र शेखर स्मृति वन में ही अस्थायी अस्पताल बनाया दिया गया। करीब डेढ़ महीने के इलाज के बाद अस्पताल में मौजूद 81 में से 67 मोर को आजाद करने की डॉक्टरों की टीम ने हरी झंडी दे दी है।