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नगर निगम में शामिल 16 गांवों के लोगों को नहरी पेयजल का इंतजार

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गुरुग्राम। नगर निगम का दायरा बजघेड़ा गांव से लेकर भौंडसी गांव तक हो चुका है। पुराने और नए शहर के विभिन्न सेक्टरों व कालोनियों तक तो नहरी पेयजल पहुंच चुका है लेकिन नगर निगम क्षेत्र में शामिल किए गए 16 गांवों में पेयजल की किल्लत बनी हुई है। इन गांवों के लोग बेसब्री से नहरी पेयजल का इंतजार कर रहे हैं। गर्मी के दिनों में तो और ज्यादा दिक्कत हो गई है।
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जिन क्षेत्रों में नहरी पानी उपलब्ध कराया जा रहा है। वहां पर भी कई इलाकों में पहले से ही किल्लत बनी हुई है। हालांकि, अधिकारी आश्वस्त करते रहे हैं कि इन क्षेत्रों में भी पेयजल आपूर्ति के लिए नई लाइन बिछाने का कार्य किया जा रहा है। पिछले साल दिसंबर में नगर निगम की सीमा में 16 गांव बजघेड़ा, दौलताबाद, मोहम्मदहेडी, धनकोट, उल्लाहवास, बेहरामपुर, भौंडसी, बाबूपुर, कादरपुर, धर्मपुर, खेड़की माजरा, पलड़ा, नंगली उमरपुर, धूमसपुर, नयागांव व मैदावास को शामिल किया गया था। इनमें से अधिकांश गांवों तक नहरी पानी नहीं पहुंच सका है। इन क्षेत्रों के बोरवेल भी सूखने लगे हैं। भूजल स्तर दिन-प्रतिदिन गिरता ही जा रहा है।
इन गांवों के अलावा नगर निगम क्षेत्र के कुछ और गांव अभी भी ऐसे हैं, जिनमें पूरी क्षमता के साथ नहरी पानी नहीं पहुंचा है। शहरी और आसपास के क्षेत्रों में करीब 600 बोरवेल चल रहे हैं। हालांकि, नगर निगम इन क्षेत्रों में नहरी पानी की आपूर्ति कराकर बोरवेल को बंद करने का निर्णय ले चुकी है। ताकि गिरते भूजल स्तर को रोका जा सके। नगर निगम के इन क्षेत्रों में पानी की लाइन का नेटवर्क बिछाना होगा ताकि इन ग्रामीणों को पेयजल मिल सके।
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निगम अधिकारियों का कहना है कि मुख्य पेयजल लाइन जीएमडीए के अधीन हैं। सभी गांवों तक नहरी पेयजल उपलब्ध कराने के लिए जीएमडीओ को लाइन बिछानी होगी। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि कई गांवों में बूस्टिंग स्टेशन तैयार हो चुके हैं। शेष गांवों में यह कार्य तेजी से किया जा रहा है। ग्रामीणों को नहरी पेयजल की काफी समय से इंतजार है। न जाने उनका इंतजार कब खत्म होगा।
निगम में शामिल गांवों में नहरी पेयजल के लिए लाइन बिछाने का काम तेजी से हो रहा है। जिन गांवों में लाइन नहीं डली हैं, वहां जल्दी ही डाल दी जाएंगी। इन गांवों में नहरी पानी पहुंचने का निर्णय जीएमडीए की बोर्ड बैठक में लिया जा चुका है।
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- प्रदीप कुमार, मुख्य अभियंता
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