दीपों का पर्व दिवाली साइबर सिटी में धूमधाम और श्रद्घाभाव से मनाया गया। देर रात घरों से लेकर सड़कों तक जश्न का माहौल रहा। रोशनी और दीयों की चकाचौंध में लग रहा था कि शहर में रात को ही सूरज निकल आया हो। घरों और मंदिरों में श्रीगणेश और लक्ष्मी पूजन हुआ।
सुप्रीम कोर्ट द्वारा पटाखों की बिक्री पर पाबंदी के बावजूद लोगों ने इंतजाम कर रखा था। शाम 6.30 बजेे के बाद पटाखों से पूरा शहर गूंजता रहा। दिवाली के लिए पुराना शहर नए कलेवर में दिखाई दिया। बच्चे और युवा घर से बाहर ही नहीं शहर के चौक और चौराहों पर भी आतिशबाजी करते दिखे।
बहुमंजिली इमारतों और सुख-सुविधाओं से संपन्न डीएलएफ के लोगों ने भी अपनी दिवाली को यादगार बनाने में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी। पुराने शहर में जोरदार आवाज करने वाले पटाखे जलाए जा रहे थे वहीं नए शहर में अनार और फुलझड़ियों का सबसे अधिक इस्तेमाल हुआ।