गुरुग्राम। कोरोना संक्रमण का असर तो अब कम हो चुका है लेकिन ब्लैक फंगस इन्फेक्शन (म्युकरमाइकोसिस) एक बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। स्थिति यह है कि पिछले 24 घंटे के दौरान जिले में ब्लैक फंगस इन्फेक्शन के 14 नए मरीज आए हैं और कुल संक्रमितों की संख्या बढ़कर 230 तक पहुंच गई है। गुरुग्राम में इस समय ब्लैक फंगस के प्रदेश में सबसे ज्यादा मरीज हैं। वहीं, मरीजों की संख्या बढ़ने से मांग के मुताबिक इंजेक्शन की आपूर्ति भी नहीं हो पा रही है।
अप्रैल से शुरू हुआ कोरोना संक्रमण जिले में 6 मई को अपने चरम पर रहा और 7 मई से इसका प्रकोप कम होने लगा तो लगातार मरीजों की संख्या में कमी जारी है। स्थिति यह है कि अब रोजाना आने वाले नए मरीजों की संख्या औसतन 150 से भी नीचे पहुंच गई है लेकिन इसी बीच ब्लैक फंगस का प्रकोप बढ़ने लगा। जिले में 12 मई को ब्लैक फंगस इन्फेक्शन के 10 नए मरीज सामने आए थे और इनकी जानकारी फोर्टिस अस्पताल की तरफ से सार्वजनिक की गई थी, क्योंकि सभी मरीज फोर्टिस में ही भर्ती थे। तब से लेकर अब तक म्युकरमाइकोसिस मरीजों की संख्या बढ़ोतरी जारी है।
184 सक्रिय मरीज
ब्लैक फंगस के प्रत्येक मरीज को रोजाना औसतन 4-6 एंफोटेरेशीन बी इंजेक्शन की दरकार है। इस समय जिले के कुल 230 मरीजों में से 184 मरीज सक्रिय हैं, तो इनके इलाज के लिए औसतन प्रतिदिन 700 से 1100 इंजेक्शन की जरूरत है। ऐसे में इंजेक्शन की किल्लत आगामी दिनों में और बढ़ेगी। इंजेक्शन की डिलिवरी होने में 12-24 घंटे का समय लग रहा है। वहीं, कोरोना संक्रमण की बात करें तो एक दिन में आने वाले न्यूनतम मरीजों की संख्या में लगातार कमी आ रही है।
ट्वीट कर प्रशासन से मांगी मदद
रिचा सिंह नामक यूजर ने प्रशासन को ट्वीट कर बताया कि फोर्टिस अस्पताल में भर्ती उनके 73 वर्षीय मरीज को जरूरत के मुताबिक सिर्फ 25 फीसदी दवाओं की आपूर्ति की गई है। इसी समस्या को लेकर जिग्नेश शंकर झा ने भी प्रशासन को ट्वीट किया। इसी के साथ भूपेंद्र चौहान नामक यूजर ने भी इसी संदर्भ में प्रशासन को ट्वीट कर मदद मांगी।