गुरुग्राम। गुरुग्राम में 13933 नियमित छात्र और 562 प्राइवेट छात्र दसवीं की बोर्ड परीक्षा में पास हुए हैं। कोरोना महामारी के कारण हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड ने शैक्षणिक सत्र 2020-21 की 10वीं और 12वीं कक्षाओं की बोर्ड परीक्षाओं को रद्द कर दिया है। बोर्ड ने आंतरिक मूल्यांकन और प्रायोगिक परीक्षाओं के अंकों को आधार मानते हुए आनुपातिक तौर पर शुक्रवार को 10वीं कक्षा का परिणाम घोषित किया, जिसमें सभी छात्रों को पास किया गया है।
शुक्रवार दोपहर को हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड ने 10वीं कक्षा परिणाम जारी किया। जिसके उपरांत सभी छात्रों द्वारा अंक देेखने के लिए वेबसाइट पर लॉगइन किया गया। जिससे वेबसाइट पर लोड बढ़ने सेे वह क्रेश हो गई। हालांकि शिक्षा बोर्ड द्वारा दूसरा लिंक भी जारी किया गया, ताकि एक लिंक पर ज्यादा दबाव न बने और सभी छात्र परिणाम दे सकें। हरियाणा के इतिहास में पहली बार किसी बोर्ड परीक्षा का परिणाम शत-प्रतिशत जारी किया गया है।
हरियाणा पुलिस में नौकरी का सपना : अंशु
10वीं कक्षा में 100 फीसदी अंक प्राप्त करने वाली अंशु का सपना हरियाणा पुलिस में नौकरी करने का है। अंशु ने अभी तक सभी कक्षाओं के वार्षिक परिणामों में प्रथम, द्वितीय या तृतीय स्थान ही प्राप्त किया है। अंशु की मां सुमन ने बताया कि उनकी बेटी अपनी पढ़ाई के साथ ही अपने भाई-बहन की पढ़ाई में भी मदद करती है। वह सुबह जल्दी उठकर एवं देर रात तक पढ़ाई करके 10वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा की तैयारी मेें जुटी रहती थी, ताकि अच्छे अंक प्राप्त कर सके।
शिक्षिका बनकर बच्चों को पढ़ाने का लक्ष्य : वर्षा
10वीं कक्षा में 100 फीसदी अंक प्राप्त करने वाली वर्षा भविष्य में शिक्षिका बनना चाहती है। ताकि वह बच्चों को कक्षाओं में बेहतर शिक्षा दे सके और उनके अंदर भविष्य में बेहतरीन इंसान बनने का जज्बा उत्पन्न कर सके। वर्षा ने बताया कि वह 10वीं कक्षा की परीक्षाओं के लिए दिन-रात मेहनत करती थी, ताकि 95 फीसदी सेे ज्यादा अंक प्राप्त कर सके। लेकिन 10वीं कक्षा की परीक्षा रद्द होने से उसे मायूसी जरूर हुई। लेकिन अब 100 फीसदी अंक मिलने से खुशी हो रही है।
शिक्षिका बनने का सपना : वंदना
10वीं कक्षा में 100 फीसदी अंक प्राप्त करने वाली वंदना नेे बताया कि उसको काफी अच्छा लग रहा है कि उसके शत प्रतिशत अंक आए हैं। हालांकि वह बोर्ड परीक्षाओं को लेकर स्वयं ही मेहनत कर रही थी, ताकि 96 प्रतिशत तक अंक प्राप्त कर सके। वंदना का सपना शिक्षिका बनने का है। अपने स्कूल में शिक्षकों को देखकर शिक्षा के क्षेत्र में ही नौकरी करने का लक्ष्य रखा है। जिसे पूरा करने के लिए वह मेहनत करेगी, ताकि सभी परीक्षाओं को पास कर सके।