नरसिंहपुर गांव के पास पेट्रोल पंप के पास दोपहर करीब 3:15 बजे अचानक हाईटेंशन तार टूटकर सड़क पर गिरा। तार गिरते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई और लोगों ने तत्काल पुलिस तथा बिजली विभाग को सूचना दी। सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, गुरुग्राम पुलिस और बिजली विभाग की टीमें मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटना स्थल के आसपास बैरिकेडिंग कर लोगों और वाहनों को हाईटेंशन लाइन से दूर रखा।
दिल्ली-जयपुर हाईवे जाम
- फोटो : अमर उजाला
बिजली निगम की तकनीकी टीम ने सबसे पहले संबंधित लाइन की बिजली आपूर्ति बंद कराई और इसके बाद टूटे हुए तार को हटाया। करीब 4.15 बजे तार हटाकर यातायात के लिए वाहनों के लिए हाईवे खोला गया। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने जयपुर से दिल्ली की ओर आने वाले मार्ग पर कुछ समय के लिए यातायात रोक दिया।
इससे कुछ ही मिनटों में नरसिंहपुर से खेड़कीदौला टोल प्लाजा तक करीब 10 से 12 किलोमीटर लंबी वाहनों की कतार लग गई। वीकेंड होने के कारण हाईवे पर पहले से ही वाहनों का दबाव अधिक था, जिसके चलते हजारों वाहन चालक और यात्री काफी देर तक जाम में फंसे रहे। इसका असर हाईवे के आसपास के मार्गों पर भी देखने को मिला। हालांकि घटना स्थल के आसपास कुछ देर तक ट्रैफिक का दबाव बना रहा। अधिकारियों का कहना है कि समय रहते यातायात रोक दिए जाने के कारण कोई जनहानि नहीं हुई और एक संभावित बड़ा हादसा टल गया।
दिल्ली-जयपुर हाईवे जाम
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गुरुग्राम-सोहना हाईवे, एसपीआर समेत अन्य सड़कों पर भी लगा जाम
हाईवे पर तार गिरने से दिल्ली-जयपुर और जयुपर से दिल्ली की ओर वाहनों की लंबी लाइन में लग गई। पुलिस से रुट डायवर्ट कर जाम दूर करने का प्रयास किया लेकिन इससे शहर की यातायात व्यवस्था चरमरा गई।
पुलिस ने वाहनों को राजीव चौक से गुरुग्राम- सोहना हाईवे होते हुए एसपीआर से एनएच-48 पर भेजा। इससे इस रुट पर वाहनों का दबाव बढ़ने से जाम जैसे हालत बन गए। वहीं, जयपुर से आने वाले वाहनों को द्वारका एक्सप्रेसवे से भेजा गया। इसके अलावा हीरो होंडा चौक से पटौदी रोड पर वाहनों को भेजा गया। इससे इफ्को चौक, सिग्नेचर टावर व राजीव चौक से लेकर नरसिंहपुर, मानेसर तक यातायात प्रभावित रहा। सवा चार बजे हाईवे खुलने पर शाम छह बजे तक यातायात सामान्य होने में लगा।