गुरुग्राम। मंगलवार की रात और बुधवार को पूरे दिन 115 मिलीमीटर हुई बारिश ने पिछले 80 साल का रिकार्ड तोड़ दिया है। दो दिन हुई लगातार बारिश के कारण शहर के अधिकांश हिस्सों में जल भराव हो गया। पुराने के साथ-साथ न्यू गुरुग्राम की सड़कें भी पानी से लबालब हो गईं। लोगों का कहना है कि इस बारिश ने यहां के अधिकारियों के प्लानिंग से बसाए गए शहर के दावों की पोल खोल दी है। इतना ही नहीं, बेहतर बिजली उपलब्ध कराने के दावे फेल हो गए। अधिकांश इलाकों में ट्रांसफार्मर तेज आवाज के साथ जवाब दे गए और चारो तरफ अंधेरा हो गया। जिसके कारण पानी का संकट भी बना रहा। इस व्यवस्था को सही करने में 24 घंटे से अधिक समय लग गया।
सब्जी और फूल की खेती को क्षति
पटौदी। क्षेत्र में झमाझम हुई बरसात से किसानों के चेहरे खिल गए। उन्हें खरीफ की फसल बोने में फायदा मिलेगा। वहीं लोगों को भीषण गर्मी से भी काफी राहत मिली है। गांव जसात निवासी किसान पूर्व सरपंच कर्ण सिंह चौहान का कहना है कि पहले से बो रखी कपास की फसलों में काफी फायदा मिलेगा। जनौला निवासी किसान मोर्चा जिला सचिव मनोज जनौला का कहना है कि सब्जियों और फूलों की खेती को क्षति हुई है। लेकिन आने वाली बाजरा, धान की बुवाई समय पर हो जाएगी।
फर्रखनगर। बारिश के कारण दो दिन से कस्बा से लेकर देहात क्षेत्रों में बिजली गुल की समस्या बनी रही। लोगों को पेयजल की समस्या से भी जूझना पड़ा। विभागीय अफसरों ने बारिश बंद होने के बाद फॉल्ट को सही करने के साथ आपूर्ति बहाल होने का दावा किया। बिजली न होने के कारण संक्रमित लोगों के साथ - साथ गर्मी आम लोगों के बीच में जबरदस्त परेशानी का कारण बनी हुई थी । सब डिवीजन फर्रखनगर के एसडीओ जोगिंदर ने बताया की बारिश के चलते लाइन में जो समस्या आई थी, उसे ठीक कर आपूर्ति सुचारु कर दी गई है।