महाराणा प्रताप स्वर्ण जयंती पार्क से जाना जाएगा लेजरवैली पार्क
3 अगस्त को मुख्यमंत्री के साथ बैठक में अनुमति मिलने के बाद आधिकारिक तौर पर बदलेगा नाम
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। करीब 16 साल से शहर की पहचान बने लेजरवैली पार्क अब महाराणा प्रताप स्वर्ण जयंती पार्क नाम से जाना जाएगा। गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) के हाथों में आने के बाद लेजरवैली पार्क के विकास के साथ नाम बदलने का प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है। तीन अगस्त को मुख्यमंत्री मनोहरलाल के साथ बैठक में अनुमति मिलने के बाद आधिकारिक तौर पर इसका नाम बदल दिया जाएगा।
जीएमडीए अधिकारियों के मुताबिक, तीन अगस्त को मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में होने वाली जीएमडीए की बैठक में पार्क का नाम महाराणा प्रताप स्वर्ण जयंती पार्क नाम रखने का एजेंडा तैयार किया गया है। लेजरवैली पार्क एसोसिएशन केे प्रधान नारायण सिंह के मुताबिक पार्क के हुडा विभाग से जीएमडीए के हाथों में आने के बाद कुछ विकास कार्य हुए है। आरडब्ल्यूए भी पार्क का नाम बदलने का समर्थन करती है। जीएमडीए सीईओ वी उमाशंकर के मुताबिक मीटिंग एजेंडा में पार्क के नाम बदलने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। जिसे मुख्यमंत्री के सामने पेश किया जाएगा।
चौटाला सरकार ने तैयार किया था लेजरवैली पार्क का प्रस्ताव
2002 में तत्कालीन चौटाला सरकार ने विदेशों की तर्ज पर शहर के सबसे मुख्य वाणिज्यिक क्षेत्र को हराभरा बनाने की कवायद शुरू कर लेजरवैली पार्क का प्रस्ताव तैयार किया था। इसके बाद 40 एकड़ में पार्क का निर्माण कराया गया। साथ ही प्रदेश में पहला संगीतमय फव्वारा इस पार्क में लगाया गया। हाल ही में लेजरवैली पार्क को हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (हुडा) से जीएमडीए के अधीनस्थ कर दिया गया। इसके बाद पार्क के गेट नंबर 2 के पास महाराणा प्रताप की मूर्ति लगाने के साथ ही पार्क का नाम बदलने की कवायद शुरू की गई।
राजपूतों को साधने की कोशिश
जानकारों की मानें तो इसके पीछे भी राजपूत समाज को साधने की तैयारी है। एमडीआई चौक पर पहले महाराणा प्रताप की प्रतिमा हुआ करता था, लेकिन फ्लाईओवर बनने के कारण उस प्रतिमा को हटा दिया गया था। इसका राजपूत समाज ने विरोध जताते हुए मुख्यमंत्री से शिकायत की थी। जिसके बाद यह कदम उठाया गया है।