फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गुरुग्राम में सभी छह केंद्रों पर हुआ शत प्रतिशत टीकाकरण

विज्ञापन
विज्ञापन
गुरुग्राम। कोरोना महामारी से बचाव के लिए जिले में शनिवार से टीकाकरण अभियान की शुरुआत हो गई। खास बात यह रही कि पहले ही दिन जिले में तय लक्ष्य के मुताबिक शत प्रतिशत स्वास्थ्यकर्मियों का टीकाकरण किया गया। दोपहर 1 बजे तक टीकाकरण की प्रक्रिया धीमी चली लेकिन बाद में एक-एक कर सभी लाभार्थी आते गए और शाम छह बजे तक सौ फीसदी टीका लगा दिया गया।
विज्ञापन

टीकाकरण अभियान की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से की। प्रधानमंत्री के संदेश का सीधा प्रसारण गांव वजीराबाद स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय में किया गया। प्रधानमंत्री का संबोधन समाप्त होते ही टीकाकरण की प्रक्रिया शुरू हो गई। जिला उपायुक्त डॉ. यश गर्ग ने पहले पहुंचकर टीकाकरण की तैयारियों की समीक्षा की और पूरी टीकाकरण व्यवस्था के बारे में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. वीरेंद्र यादव तथा जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. एमपी सिंह से जानकारी प्राप्त की। जिले में पहला टीका वजीराबाद के राजकीय विद्यालय में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में कार्यरत सफाईकर्मी राधा चौधरी को लगाया गया। वहीं, बाद में सीएमओ डॉ. वीरेंद्र यादव व जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. एमपी सिंह ने भी टीका लगवाया। टीकाकरण केंद्रों में वजीराबाद स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भांगरौला, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र दौलताबाद, मेदांता मेडिसिटी, शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चौमा तथा एसजीटी मेडिकल कॉलेज शामिल रहे।
18 जनवरी को 46 केंद्रों पर होगा टीकाकरण
18 जनवरी से जिले में नियमित टीकाकरण का कार्य शुरू किया जाएगा। इसके तहत आगामी सोमवार को 46 केंद्रों पर स्वास्थ्यकर्मियों को टीका लगाया जाएगा। अगले सप्ताह तीन दिन सोमवार, बृहस्पतिवार और शनिवार को कोरोना का टीका लगाया जाएगा। उसके बाद दूसरे सप्ताह में टीकाकरण केंद्रों की संख्या 32 हो जाएगी और तीसरे सप्ताह में 31 केंद्रों पर टीकाकरण किया जाएगा। प्रत्येक केंद्र पर लगभग 100 कर्मियों को प्रतिदिन टीका लगेगा। सीएमओ ने बताया कि गुरुग्राम जिले को वैक्सीन की लगभग 50,000 डोज प्राप्त हुई हैं।
विज्ञापन

इस तरह से हुआ टीकाकरण
टीकाकरण केंद्र पर मौजूद 5 लोगों की टीम में प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका अलग-अलग रही। सबसे पहले लाभार्थी वैक्सीनेशन ऑफिसर के पास गया। वहां पर लाभार्थी का नाम वैक्सीनेटर के पास उपलब्ध सूची में चेक किया गया। पुष्टि होने के बाद अगले वैक्सीनेटर अधिकारी-2 के पास भेजा गया। इस अधिकारी ने भी कोविन पोर्टल पर डाटा का वेरिफिकेशन किया और वहां व्यक्ति की डेमोग्रेफिक जांच की। इसके बाद लाभार्थी को वैक्सीनेटर अधिकारी-3 के पास भेजा गया जहां उसका टीकाकरण किया गया। टीकाकरण उपरांत व्यक्ति को आधा घंटा ऑब्जर्वेशन रूम में बैठाया गया। यहां पर वैक्सीनेटर अधिकारी 4 और 5 मौजूद रहे, जिन्होंने लभार्थी की देखभाल की।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें