साइबर सिटी सिर्फ हरियाणा ही नहीं, देश का एक विशेष शहर है। अब इसका
क्षितिज वैश्विक होता जा रहा है। यहां उस आधुनिक भारत का ताना-बाना बुना जा
रहा है, जिसकी पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की है।
यह शहर डिजिटल
इंडिया, स्किल इंडिया, स्टैंडअप इंडिया से लेकर स्टार्टअप इंडिया तक के
सपने को साकार करने की दिशा में कदम बढ़ा रहा है।
फ्रांस के राष्ट्रपति
फ्रांसवा ओलांद द्वारा यहां अंतरराष्ट्रीय सौर ऊर्जा संस्थान के वैश्विक
मुख्यालय के उद्घाटन के बाद गुड़गांव विकास और आधुनिकता का अग्रदूत बन गया
है।
हरियाणा की आर्थिक राजधानी का दर्जा
प्राप्त गुड़गांव में अमेरिका से लेकर यूरोप तक की कॉरपारेट कंपनियों की
भरपूर मौजूदगी है।
यहां 250 से ज्यादा फार्चून 500 कंपनियां हैं, जो यहां
की आधुनिकता और आर्थिक समृद्धि का गुणगान करती हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने
जिस डिजिटल इंडिया और स्टार्टअप इंडिया का सपना देखा है, गुड़गांव इसका
बड़ा वाहक है।
बंगलूरू के बाद स्टार्टअप के लिए गुड़गांव दूसरे स्थान पर
है। वर्ष 2015 में यहां 23 स्टार्टअप हुए हैं। हरियाणा सरकार भी स्टार्टअप
को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रयास कर रही है।
उसकी ओर से यहां स्टार्टअप
वेयर हाउस तैयार कराया जा रहा है। इस साल गुड़गांव में 100 से अधिक
स्टार्टअप कंपनियों के अस्तित्व में आने की संभावना है।
गुड़गांव
देश का बड़ा बिजनेस प्रोसेस आउटसोर्सिंग (बीपीओ) हब है। दुनियाभर के बीपीओ
सेक्टर में कार्यरत कुल मानव संसाधन (वर्कफोर्स) का पांच फीसदी अकेले
गुड़गांव में हैं।
बीपीओ के अलावा यहां नॉलेज प्रॉसेस ऑउटसोर्सिंग (केपीओ)
सेक्टर का भी तेजी से विकास हो रहा है। इसके अलावा लीगल प्रॉसेस
आउटसोर्सिंग (एलपीओ) के क्षेत्र का भी विस्तार हो रहा है।
कानून की शिक्षा
ग्रहण करने वालों के लिए यहां रोजगार के काफी अवसर मिल रहे हैं। जीएम आईटी
एमके सरदाना का कहना है कि प्रदेश सरकार स्किल इंडिया पर विशेष ध्यान दे
रही है। इसके लिए हरियाणा के सात विश्वविद्यालयों में इनोवेशन सेंटर
स्थापित करने की तैयारी है।
इनका है हबबीपीओ,
केपीओ, कॉरपोरेट, हेल्थकेयर एंड फार्मा, बायोटेक्नोलॉजी, एग्री एंड फूड
प्रोसेसिंग, मार्केटिंग एंड एडवरटाइजिंग, लॉजिस्टिक, इंजीनियरिंग, शिक्षा,
बैंकिंग, फाइनेंशियल, एनबीएफसी, ऑटो, आईटी, बीपीओ, केपीओ, टूरिज्म, स्किल
डेवलपमेंट और रियल एस्टेट।
रोजगार का केंद्रवर्ष
2020 तक देश में 906 मिलियन लोगों को रोजगार की जरूरत होगी। इतनी बड़ी
जनसंख्या को रोजगार देने के लिए केंद्र सरकार विशेष योजना तैयार कर रही है।
गुड़गांव इस मामले में काफी अग्रणी है।
इस शहर में अभी 10 लाख से अधिक
लोगों को रोजगार मिला हुआ है। आने वाले समय में इसके दो गुना होने की
संभावना है।
मिलेनियम स्मार्टमुख्यमंत्री
मनोहर लाल ने गुड़गांव को मिलेनियम स्मार्ट सिटी बनाने की घोषणा की है।
सरकार गुड़गांव को और आधुनिक व विकसित बनाने का प्रारूप तैयार कर रही है।
एक नजर में गुड़गांव •प्रति व्यक्ति आय में देश में तीसरा नंबर •देश का पहला शहर, जिसके हर घर में बिजली कनेक्शन •विकास दर 70 फीसदी •मेट्रो और रैपिड मेट्रो की सुविधा •आईमैक सेंटर, जहां से हिंद महासागर पर रखी जाती है नजर •एनएसजी का प्रशिक्षण केंद्र •बनाया जा रहा है पावर स्मार्ट सिटी •स्टार्टअप होम के तौर पर पहचान •प्रदेश के ऑटोमोबाइल निर्यात में 96 प्रतिशत से अधिक की हिस्सेदारी •प्रदेश के राजस्व में अकेले हिस्सेदारी करीब 50 फीसदी •गुड़गांव हरियाणा ही नहीं, पूरे देश का आधुनिक चेहरा•दुनिया के बीपीओ कर्मियों में 5 फीसदी अकेले गुड़गांव में