गुड़गांव में विज्ञापन मामले में निगम अधिकारियों की संलिप्तता के बाद ट्रेड लाइसेंस में गोलमाल का मामला सामने आया है।
इस मामले में कई अधिकारियों की भूमिका पर संदेह जाहिर किया जा रहा है। पूरे प्रकरण के बाद निगम में खलबली मची है।
विज्ञापन एजेंसी पर बकाया करीब तीस करोड़ रुपये की राशि के मामले को लेकर निगमायुक्त ने पूरे मामले का अध्ययन किया। अध्ययन के दौरान यह बात सामने आई कि निगम के अधिकारी ही इस खेल में शामिल हैं।
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यूनिपोल की संख्या से लेकर उनके आकार में खेल किया गया। इससे निगम को राजस्व का भारी नुकसान हुआ है। जांच के बाद निगमायुक्त कई कर्मचारियों को रिलीव कर चुके हैं।
इसी जांच में ट्रेड लाइसेंस के मामले में बरती जा रही लापरवाही का खुलासा भी हुआ है। इसमें तय समय में लाइसेंस इश्यू नहीं करना, फीस में गोलमाल सहित कई प्रकार की शिकायतें निगमायुक्त को मिली हैं।
डॉ. प्रवीण कुमार ने कहा कि पूरे मामले की तह तक जाकर कर्मचारियों की संलिप्तता को उजागर किया जाएगा। इस मामले की जांच वह स्वयं कर रहे हैं।