आपदा की स्थिति में हर चुनौतियों से निपटने के लिए जिला प्रशासन ने कवायद शुरू की है।
इस कड़ी में शहर की उन बहुमंजिला इमारतों का खाका तैयार किया जा रहा है, जोकि 15 मीटर या पांच मंजिल से ऊंची हैं।
ऐसे भवनों का सर्वे कराने के बाद इसकी जांच की जाएगी कि इनके मुख्य और वैकल्पिक रास्ते के अलावा आपदा की स्थिति में उनमें रहने वालों को तत्काल राहत पहुंचाने के क्या-क्या इंतजाम किए गए हैं।
बहुमंजिला इमारतों के सर्वे को लेकर सोमवार को उपायुक्त शेखर विद्यार्थी ने संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक की।
इस दौरान जिला नगर योजनाकार को ऊंची इमारतों तक जाने के मुख्य रास्तों के अलावा वैकल्पिक रास्तों के बारे में जानकारियां इकट्ठी करने की रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए।
पांच मंजिला या इससे ऊंची बहुमंजिला इमारतों में रहने वाले परिवारों की रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशनों को भी इनके सुरक्षा उपायों अथवा सुरक्षा योजना के बारे में जानकारी इकट्ठी करने की हिदायत दी गई।
उपायुक्त ने बैठक में मौजूद नगर निगम, हुडा, एचएसआईआईडीसी के अधिकारियों को उनके क्षेत्रों की बहुमंजिला इमारतों की सूची जिला नगर योजनाकार कार्यालय में उपलब्ध कराने के निर्देश दिए, ताकि इमारतों को विकास योजना पर चिह्नित किया जा सके।
उपायुक्त ने बहुमंजिला इमारतों को विकास योजना अथवा जिला के नक्शे पर दर्शाने के लिए 10 जनवरी तक का समय दिया है।
अग्निशमन उन बहुमंजिला इमारतों की जानकारी सेक्टरवाइज देगा, जिन्हें इस महकमे ने एनओसी दी है। प्रशासन यह भी जनना चाहता है कि गुड़गांव में रासायनिक तथा अन्य ज्वलंत वस्तुओं की स्टोरेज वाली इकाइयों की क्या स्थिति है।