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दिल्ली की सड़कों पर गूंजे आजादी के नारे, लापता छात्र नजीब की मां व बहन भी पहुंचीं

Sun, 05 Mar 2017 04:04 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
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प्रदर्शन में लापता छात्र नजीब की मां व बहन भी पहुंचीं। - फोटो : अमर उजाला
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रामजस कॉलेज के बाहर हुई हिंसा के विरोध व अभिव्यक्ति की आजादी की मांग को लेकर फिर से वापमंथी छात्र व शिक्षक संगठनों ने मार्च निकाला। मंडी हाउस से जंतर-मंतर तक निकाले गए सेव डीयू न्याय मार्च में कई विश्वविद्यालय के छात्रों व शिक्षकों ने हिस्सा लिया। मार्च के दौरान दिल्ली की सड़कों पर आजादी व इंकलाब के नारे गूंजते रहे।
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छात्रों ने सरकार के खिलाफ भी नारेबाजी की। मार्च में जेएनयू छात्र उमर खालिद, कन्हैया कुमार, शेहला राशिद, जेएनयू के लापता छात्र नजीब की मां व बहन भी पहुंचीं। इस दौरान पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था काफी कड़ी रही।

मार्च में छात्र चप्पा-चप्पा गूंज उठेगा इंकलाब के नारों से, दिल्ली पुलिस शर्म करो, डराना धमकाना नहीं चलेगा, लड़कर लेंगे आजादी, छीन कर लेंगे आजादी, यह कैंपस हमारा है गुंडों की जागीर नहीं, आवाज दो हम एक हैं, लडे़ंगे और जीतेंगे जैसे नारे लगाए।
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ढपली बजाते छात्र नारेबाजी के साथ नाचते गाते चल रहे थे

सड़कों पर नारे लिखते छात्र-छात्राएं। - फोटो : अमर उजाला
मार्च के रास्तों में छात्रों ने रंगीन चॉक से अभिव्यक्ति की आजादी से जुड़े नारों के साथ सड़कों को पाट दिया। ढपली बजाते छात्र नारेबाजी के साथ नाचते गाते चल रहे थे।

​मार्च के बाद सीपीआई नेता, डी राजा, सीपीआईएम नेता सीताराम येचुरी, जेडीयू नेता केसी त्यागी, अभय चौटाला केपुत्र दिग्विजय चौटाला, स्वराज इंडिया संयोजक योगेन्द्र यादव, जेएनयू छात्र उमर खालिद ने सभा को संबोधित किया।  

बता दें कि 28 मार्च को भी वामपंथी संगठनों की ओर से डीयू कैंपस में शांतिपूर्वक मार्च निकाला गया था। इसमें बड़ी संख्या में छात्र व शिक्षकों ने हिस्सा लिया था। इसके बाद 2 मार्च को एबीवीपी ने कैंपस में मार्च निकाला गया था। 
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मेरे बोलने से छात्र भड़कते हैं तो उन्हें भड़कना भी चाहिए : उमर खालिद

प्रदर्शन करते छात्र। - फोटो : अमर उजाला
रामजस कॉलेज में होने वाले सेमिनार में उमर खालिद को आमंत्रित किए जाने को लेकर ही विवाद हुआ था। शनिवार को वह संसद मार्ग से बोले कि यह हमला मुझ पर नहीं लोकतंत्र पर हमला था ।

उन्होंने कहा कि वह मेरे बोलने से छात्र भड़कते हैं तो मैं कहता हूं कि भड़कना भी चाहिए। असमानता के खिलाफ लडने वालों को भड़कना चाहिए। अब गुलामी के दिन खत्म हो गए हैं। एबीवीपी पर हमला बोलते हुए आगे सेमिनार को रुकने नहीं देंगे। हम सब एक हुए हैं तो वह अब नहीं बचेंगे।

प्रदर्शन में पहुंचे सीताराम येचुरी व जदयू नेता केसी त्यागी ने आश्वस्त किया कि रामजस विवाद को संसद में उठाया जाएगा। केसी त्यागी ने कहा कि छात्रों को पढ़ाई और लड़ाई दोनों करनी है। इसमें हम आपके साथ हैं।

सीताराम येचुरी ने एबीवीपी व बीजेपी पर हमला बोलते हुए कहा कि कौन राष्ट्रवादी है और कौन नहीं, इसका निर्णय यह लोग नहीं कर सकते हैं। क्या पहनना है,  क्या बोलना है, किसे दोस्त बनाना है, क्या खाना है इसे सरकार तय नहीं कर सकती। 
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