कड़कड़डूमा कोर्ट ने उत्तर पूर्वी दिल्ली दंगे से जुड़े एक मामले में गिरफ्तार छात्रा गुलफिशा फातिमा को जमानत दे दी, लेकिन दंगे को लेकर यूएपीए के एक अन्य मामले में न्यायिक हिरासत में होने के कारण गुलफिशा तिहाड़ जेल में ही रहेगी।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अमिताभ रावत ने गुलफिशा फातिमा को 30 हजार रुपए के निजी मुचलके और इतनी ही जमानत राशि के आधार पर राहत प्रदान की। जमानत देते हुए कोर्ट ने कहा कि फातिमा के फरार होने की संभावना नहीं है और ना गवाहों को प्रभावित करने की संभावना है। लिहाजा उन्हें जमानत दी जाती है।
गुलफिशा को जाफराबाद में दंगा भड़काने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। इस दंगे के दौरान अमान नामक व्यक्ति की गोली लगने से मौत हो गई थी। उत्तर पूर्वी दिल्ली में दंगे के शुरूआत जाफराबाद-मौजपुर इलाके से ही हुई थी। इस मामले में कोर्ट ने पहले जेएनयू की छात्रा देवांगना कलीता और नताशा नरवाल को भी जमानत दी थी।
जिले के अलग-अलग इलाकों में हुए दंगे में 53 लोगों की मौत हुई थी और 250 से अधिक लोग घायल हुए थे। इस बीच सार्वजनिक और निजी संपत्तियों को भी भारी नुकसान पहुंचा था।