नोएडा सेक्टर-63 से गिरफ्तार अलकायदा के संदिग्ध जीशान अली पर एटीएस गुजरात की टीम एक महीने से नजर रख रही थी। इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस के साथ साथ आनेजाने वाले से लेकर मिलने जुलने वालों पर एटीएस नजर रख रही थी। वहीं नोएडा में उसकी गिरफ्तारी के बाद कमिश्नरेट पुलिस ने एक बार फिर सत्यापन अभियान लगातार जारी रहने की बात कही है। बताया जा रहा है कि एटीएस की टीम जीशान के साथ दो और लोगों को अपने साथ ले गई है।
विद्रोह की साजिश रच रहे थे, आईएसआई से जुड़े तार
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान देश के भीतर विद्रोह कराना आईएसआई और पाकिस्तानी सेना का था मकसद। इसका खुलासा गुजरात एटीएस व अन्य केंद्रीय एजेंसियों ने बुधवार को जिन चार संदिग्धों को पकड़ा है उनसे हुई पूछताछ में हुआ। सोशल मीडिया के जरिये चारों अपने आका से मिले फरमान को अंजाम देने में जुटे थे।
इन्हें दिल्ली,यूपी और गुजरात समेत देश के अलग-अलग हिस्सों में आतंकी हमले का भी टास्क मिला था, जिसकी साजिश चारों मिलकर रच रहे थे। पकड़े गए आतंकी, ओसामा बिन लादेन और मौलाना असीम उमर उर्फ सना उल हक के जेहादी वीडियो सोशल मीडिया अकाउंट पर शेयर कर नौजवानों का ब्रेनवॉश करते थे। पकड़े गए चारों आतंकियों को मोहम्मद फैक लीड कर रहा था। फैक दिल्ली में एक फास्ट फूड चेन में बतौर मैनेजर काम कर रहा था।