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आतंकी हमले की थी साजिश: पाकिस्तान में हैंडलर से जुड़ा था मास्टरमाइंड फैक, मिलने वाला था कोई बड़ा टास्क

Wed, 23 Jul 2025 07:35 PM IST
श्याम जी. पुरुषोत्तम वर्मा, अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली

सार

गुजरात एटीएस ने मंगलवार देर रात अलकायदा नेटवर्क से जुड़े चार संदिग्ध युवकों को गिरफ्तार किया है। इनमें से एक आरोपी मोहम्मद फैक पुत्र मोहम्मद रिजवान दिल्ली का रहने वाला है।
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मोहम्मद फैक - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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गुजरात एटीएस व दिल्ली पुलिस समेत अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने अलकायदा के जिस संदिग्ध मोहम्मद फैक को पकड़ा है। वह इंस्टाग्राम आईडी से पाकिस्तान में हैंडलर से जुड़ा हुआ था। वह अलकायदा के इस मॉड्यूल का मास्टरमाइंड था। दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि शुरुआती जांच मे पता चला कि फैक समेत पकड़े गए चारों आतंकियों को भारत में आतंकी हमले जैसा कोई बड़ा टास्क मिलने वाला था।

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जानकारी के अनुसार, पकड़ा गया संदिग्ध मोहम्मद फैक कम पढ़ा लिखा है और वह डिलीवरी ब्वॉय का काम करता था। उसके पिता मो. रिजवान के मुताबिक गुजरात पुलिस ने बताया था कि उनका बेटा इंटरनेट पर कुछ करता था। इस कारण उसे ले जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि उनका बेटा पैड वाला मोबाइल फोन इस्तेमाल करता था। 
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गुजरात पुलिस ने मोहम्मद फैक को उस समय गिरफ्तार किया जब वह मंगलवार दोपहर तीन बजे कहीं से चांदनी चौक के गली मीर मदानी फराश खारा स्थित अपने घर लौट रहा था। इस बारे में पड़ोसियों ने चुप्पी साधी हुई थी। इस ऑपरेशन में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल साथ थी, मगर स्थानीय कमला मार्केट थाना पुलिस को जानकारी नहीं थी। उसकी कुछ साल पहले शादी हुई थी। स्थानीय थाना पुलिस को फैक के घर पर तैनात कर दिया गया है।

अलग-अलग ग्रुप बना रखे थे
सुरक्षा एजेंसियों को शुरुआती जांच में पता लगा है कि आरोपियों ने अलग-अलग छोटे-छोटे ग्रुप बना रखे थे। सभी इंस्टाग्राम के जरिए एक-दूसरे से जुड़े थे। गुजरात पुलिस ने 14 दिन की रिमांड पर ले लिया है।

घर से आपत्तिजनक सामग्री मिली
दिल्ली पुलिस के अधिकारियों के अनुसार शुरुआती जांच में पता लगा है कि ये शरीयत का कानून लागू करना चाहते थे। सभी आरोपी आपस में उर्दू भाषा में बात करते थे। इनके घर से आपत्तिजनक सामग्री मिली है। पुलिस उसकी निशानदेही पर हथियारों की बरामदगी की कोशिश करेगी।
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ऑपरेशन सिंदूर के दौरान का पोस्ट मिला
केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों ने बताया कि शुरुआती जांच में ऑपरेशन सिंदूर के समय किया गया उसका भड़काऊ व आपित्तजनक पोस्ट मिला है। इस बारे में सुरक्षा एजेंसियां जांच कर रही हैं। ये लोगों को आपत्तिजनकर सामग्री परोसकर कट्टरपंथी व आतंकवाद की ओर धकेलने में लगे हुए थे।

क्या है अल-कायदा
अल-कायदा दुनिया के सबसे खतरनाक आतंकवादी समूहों में से एक माना जाता है। इसे संयुक्त राष्ट्र, नाटो, यूरोपीय संघ, संयुक्त राज्य अमेरिका, भारत, रूस और कई अन्य देशों ने आतंकवादी समूह घोषित किया है। इसकी स्थापना 1988 में ओसामा बिन लादेन, अब्दुल्लाह आजम समेत अन्य आतंकियों ने की थी। यह संगठन अफगानिस्तान में सोवियत संघ के आक्रमण का विरोध करने वाले लड़ाकों को समर्थन देने के लिए बनाया गया था। 

2011 में ओसामा बिन लादेन की मृत्यु के बाद, अयमान अल-जवाहिरी ने इसका नेतृत्व संभाला। जुलाई 2022 में जवाहिरी की मृत्यु के बाद, अल-कायदा ने अभी तक आधिकारिक तौर पर अपने नए नेता की घोषणा नहीं की है, लेकिन सैफ अल-अदल को इसका संभावित अगला नेता माना जाता है।
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