-शिक्षा निदेशालय ने जारी किया निर्देश, प्री-प्राइमरी कक्षाओं के बच्चों के लिए बस्ता नहीं
-11वीं-12वीं में 35 से 40 किलो वजन के बच्चों के लिए 3.5 से पांच किलोग्राम का होगा बस्ते का बोझ
-स्कूल बैग पॉलिसी 2020 के मद्देनजर शिक्षा निदेशालय ने जारी किए दिशा-निर्देश
-पहली व दूसरी कक्षा के बच्चों को नहीं दिया जाएगा होमवर्क
स्कूलों में बच्चों के वजन के अनुसार बस्ते का वजन होगा। प्री-प्राइमरी कक्षाओं के बच्चों के लिए बस्ता नहीं होगा, जबकि ग्यारवीं-बारहवीं में 35 से 40 किलो वजन के बच्चे के लिए बस्ते का वजन 3.5 किलोग्राम से पांच किलोग्राम तक होगा। स्कूल बैग पॉलिसी 2020 के मद्देनजर शिक्षा निदेशालय ने सोमवार को दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इन दिशा निर्देशों का सभी स्कूलों को सख्ती से पालन करना होगा।
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शिक्षा निदेशालय की ओर से जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार पहली व दूसरी कक्षा के बच्चों को होमवर्क नहीं दिया जाएगा। प्री प्राइमरी कक्षाओं के बच्चों को किताबें नहीं दी जाएंगी। दिशा-निर्देशों में बच्चे के वजन के अनुसार बस्ते का वजन तय किया गया है।
निदेशालय ने इससे संबंधित एक चार्ट भी जारी किया है। स्कूलों को कहा गया है कि इस चार्ट को प्रत्येक कक्षा के नोटिस बोर्ड पर प्रमुखता से प्रदर्शित करना होगा। दिशा-निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि अन्य कक्षाओं के प्रत्येक विषय के अभ्यास, प्रयोगों के लिए एक नोटबुक होगी, जिसे छात्रों को टाइमटेबल के अनुसार लाना होगा।
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छात्रों को अतिरिक्त किताबें लाने के लिए नहीं कहा जाना चाहिए। स्कूलों को अक्सर स्कूल बैग की जांच करने के लिए कहा गया है जिससे कि यह सुनिश्चित किया जा सके कि छात्र बैग में अनावश्यक सामग्री तो नहीं ला रहे।
स्कूलों को केवल एससीईआरटी, एनसीईआरटी, सीबीएसई की किताबों को ही रखना होगा। गैर जरुरी पुस्तकों को लाने की मनाही करनी होगी। यह भी ध्यान रखना होगा कि बच्चे हल्की अभ्यास किताबें ही बैग में लेकर आएं।