नौकरी बहाली को लेकर अतिथि शिक्षकों के धरना-प्रदर्शन को रविवार को 17 दिन पूरे हो गए, लेकिन उनकी मांगों को लेकर कोई समाधान नहीं निकल सका। रविवार को शिक्षकों ने पॉलिसी दो, वोट लो, के नारे वाली टोपी पहन कर प्रदर्शन किया।
इस बीच शिक्षकों ने दिल्ली भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी, मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उपराज्यपाल अनिल बैजल को सद्बुद्धि देने के लिए हवन किया।
प्रदर्शन के दौरान अतिथि शिक्षकों ने पंत मार्ग स्थित भाजपा कार्यालय से कनाट प्लेस तक शांतिपूर्ण पैदल मार्च भी निकाला। अतिथि शिक्षकों के इस प्रदर्शन की अगुवाई कर रहे ऑल इंडिया गेस्ट टीचर्स एसोसिएशन के सदस्य शोएब राणा ने मांग की कि सरकार और उपराज्यपाल काम से हटाए गए 22 हजार अतिथि शिक्षकों के भविष्य को बर्बाद होने से बचाएं।
उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली सरकार, भाजपा और उपराज्यपाल, सभी ने अतिथि शिक्षकों को लेकर अपना पल्ला झाड़ लिया है। इसी वजह से अतिथि शिक्षकों ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी, मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उपराज्यपाल अनिल बैजल को सद्बुद्धि देेने के लिए हवन किया।
उन्होंने कहा कि हमारे भविष्य को लेकर सरकार, उपराज्यपाल या भाजपा की ओर से बात करने के लिए कोई तैयार नहीं है। ऐसे में राजनीतिक दांवपेंच के बीच अतिथि शिक्षकों को रौंदा जा रहा है।
अतिथि शिक्षकों ने उपराज्यपाल से मांग की कि जब तक पॉलिसी पास होकर लागू नहीं हो जाती, तब तक किसी भी गेस्ट टीचर को किसी कारण (पीएफसी, नई स्थायी शिक्षक ज्वाइनिंग, प्रमोशन आदि) से रिलीव ना किया जाए। क्योंकि इस समय पीएफसी 1 अप्रैल से लागू होने वाली है, जिसमें पोस्ट कम हो जाएंगी तो अतिथि शिक्षकों को रिलीव होना पड़ेगा।
साथ ही प्रोमोशन हो रहे हैं तो उसमें भी अतिथि शिक्षकों की नौकरी जाएगी और साथ ही नए रेगुलर टीचर्स की भी ज्वाइनिंग हो रही है तो भी गेस्ट टीचर्स को ही निकाला लाएगा।