सात साल पहले पांच वर्षीय बच्ची (गुड़िया) से सामूहिक दुष्कर्म और अपहरण मामले में कड़कड़डूमा कोर्ट ने दोनों दोषियों को 20 साल कैद की सजा सुनाई है। साथ ही कोर्ट ने पीड़ित बच्ची को बतौर मुआवजा 11 लाख रुपये भी देने का आदेश दिया है। निर्भया मामले के महज चार महीने बाद राजधानी को झकझोर देने वाली इस वारदात के मामले की कार्यवाही करीब सात साल चली।
कड़कड़डूमा कोर्ट ने मनोज शाह और प्रदीप कुमार को 20 साल कैद की सजा सुनाई। हालांकि, पीड़ित पक्ष ने यह कहते हुए फैसले को हाई कोर्ट में चुनौती देने की बात कही है कि दोषियों को न्यूनतम सजा दी गई है। इस मामले में करीब सात साल बाद फैसला आया है।
गौरतलब है कि कोर्ट ने 18 जनवरी को आरोपी मनोज शाह व प्रदीप कुमार को अपहरण, सामूहिक दुष्कर्म, पॉक्सो एक्ट सहित कई संगीन धाराओं में दोषी ठहराया था। जिसके बाद माना जा रहा था कि इन दोनों को उम्र कैद की सजा होगी लेकिन ऐसा नहीं हुआ, जिससे पीड़िता के परिजन भी नाराज हैं।
पूर्वी दिल्ली के गांधी नगर इलाके में 13 अप्रैल, 2013 को दोषियों ने इस घिनौनी वारदात को अंजाम दिया था। इस घटना के बाद बच्ची को मरा समझकर एक कमरे में छोड़ दोनों आरोपी फरार हो गए थे। पुलिस ने दोनों को एक सप्ताह में ही मुजफ्फरपुर और दरभंगा से गिरफ्तार कर लिया था।