संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। हाईकोर्ट ने एक वकील के दफ्तर में जीएसटी विभाग की तलाशी और कंप्यूटर व दस्तावेज जब्त करने की कार्रवाई को सही ठहराया है। हालांकि, अदालत ने निर्देश दिया कि जांच के लिए कंप्यूटर में मौजूद डाटा की तैयार की गई प्रतिलिपि का ही इस्तेमाल किया जाए। साथ ही वकील के दूसरे मुवक्किलों से जुड़ी गोपनीय जानकारी को नहीं देखा जाए। न्यायमूर्ति अनिल खेतरपाल और न्यायमूर्ति शैल जैन की पीठ ने कहा कि तलाशी केंद्रीय जीएसटी कानून की धारा 67(2) के तहत जारी वैध अनुमति के आधार पर की गई थी।
अदालत ने कहा कि वकील और मुवक्किल के बीच कानूनी रूप से सुरक्षित गोपनीय बातचीत को संरक्षण मिलता है। लेकिन प्रथम दृष्टया सामग्री से पता चलता है कि वकील खुद जांच के दायरे में है और केवल कानूनी सलाह देने तक सीमित नहीं था, तो यह गोपनीयता जांच में पूरी तरह बाधा नहीं बन सकती। पीठ ने कहा कि वह वकील की भूमिका पर कोई अंतिम राय नहीं दे रही है।