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गिरते भूजल से दरक रहीं इमारतें, हर साल नीचे गिर रहा भूजल स्तर

Sun, 29 Jul 2018 04:01 AM IST
योगेश शर्मा, अमर उजाला, नोएडा
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building collapse in noida
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एक के बाद एक इमारतों के जमींदोज होने की एक बड़ी वजह गिरता भूजल भी माना जा रहा है। धरती का सीना चीरकर आखिरी बूंद तक निचोड़ने की होड़ बड़े संकट की ओर ले जा रही है।

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पहले ग्रेटर नोएडा वेस्ट का शाहबेरी फिर गाजियाबाद के गढ़ी और अब खोड़ा में इमारत के धराशायी होने की कई वजह हो सकती हैं। बिना नक्शा पास कराए निर्माण, घटिया निर्माण सामग्री का इस्तेमाल, अनट्रेंड ठेकेदार या फिर कमजोर नींव पर ऊंची इमारत खड़ी करना जैसी लापरवाही बरतने की बात अब तक सामने आई है, लेकिन जानकारों की मानें तो बारिश के मौसम में एक के बाद एक इमारतों के दरकने की एक वजह भूजल का लगातार गिरता स्तर भी हो सकता है।

नोएडा और आसपास के क्षेत्र में हर साल औसत 5 से 7 फीट भूजल स्तर गिर रहा है। साल 2018 में नोएडा में भूजल कई जगह 125 फीट नीचे तक पहुंच गया है, जबकि 2016 में स्तर 100 फीट के आसपास था।
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गिरता भूजल इसलिए खतरा
यमुना और हिंडन किनारे बसा नोएडा-ग्रेटर नोएडा बेहद संवेदनशील हैं। भूकंप के लिहाज से इन्हें सिस्मिक जोन-4 में रखा गया है। भू-विशेषज्ञ डॉ. आरपी बलवान बताते हैं कि जब जमीन के नीचे पानी होता है तो वह जमीन को खिसकने से रोकता है। यदि लगातार भूजल गिरता है तो मिट्टी की सतह कमजोर हो जाती हैं। लगातार नष्ट हो रही हरियाली भी मिट्टी की कमजोरी की एक वजह है, क्योंकि पेड़ों की जड़ें मिट्टी को जकड़कर रखती हैं।

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आर्किटेक्ट सर्वेश अग्रवाल का कहना है कि बिल्डरों ने इमारतें तो बना दीं, लेकिन भूमिगत जलस्तर को रिचार्ज करने के लिए कोई योजना नहीं बनाई। भूमिगत जल का स्तर नीचे जाने से जमीन खोखली हो रही है। ऐसे में लगातार बारिश से जमीन की निचली सतह तक पानी जाने से मिट्टी बैठ जाती है। नतीजा, कमजोर तरीके से खड़ी की गई इमारतें ढह जाती हैं। अब तक जो हादसे हुए वहां आसपास जलभराव इस बात के संकेत दे रहे हैं।

नहीं चेते तो गंभीर होंगे परिणाम
गौतमबुद्ध नगर के कई स्थानों पर डेढ़ दशक पहले तक 20 फीट नीचे पानी निकल आता था। अब यह लगातार नीचे जा रहा है और 130 फीट से अधिक पहुंच गया है। यदि अभी भी लोग नहीं चेते तो पानी के लिए तरसना पड़ेगा। साथ ही बारिश और भूकंप से शाहबेरी जैसे हादसों का खतरा बढ़ जाएगा।

कहां कितना औसत भूजल स्तर
ग्रेनो एक्सप्रेसवे         70 से 80 फीट
नोएडा फेज-एक          100 से 130 फीट
नोएडा फेज-दो            80 से 100 फीट
नोएडा फेज-तीन          100 से 130 फीट
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