बारात को वापस बुलाकर समझौता होने के बाद ही छोड़ने को कहा। तीन दिन से दूल्हा और तीन बारातियों के बंधक बने होने के बाद बृहस्पतिवार को नूंह के ढहाना गांव से सरपंच असलम खान, सरपंच रसीद और आलम समेत कई लोग दूल्हे के पिता वहीद के साथ आए।
नई आबादी में नगर के प्रमुख लोगों के बीच पंचायत हुई। पंचायत में पंचों ने दोनों पक्षों की बात सुनी। करीब तीन घंटे चली पंचायत में लड़की के पिता ने बेटी को भेजने से इनकार कर दिया, लेकिन जब ढहाना गांव से आए लोगों ने अपनी गलती मानकर पूरी तरह से जिम्मेदारी ली, उसके बाद लड़की को दुल्हन के रूप में दूल्हे के साथ भेजने का फैसला लिया गया। पंचायत के फैसले के बाद दहेज में मांगे गए 60 हजार रुपये लिए बिना वर पक्ष के लोग दुल्हन को ले गए।