ग्रेटर नोएडा और नोएडा गुरुवार को देश के सबसे प्रदूषित शहर रहे। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) की ओर से शाम चार बजे जारी रिपोर्ट के मुताबिक, ग्रेटर नोएडा का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 448 और नोएडा 441 एक्यूआई के साथ देश में पहले व दूसरे स्थान पर रहे। हालांकि, बुधवार की तुलना में एक्यूआई में कुछ गिरावट रही। गाजियाबाद 440 एक्यूआई के साथ तीसरे स्थान पर रहा।
जिले के लोग बढ़ते प्रदूषण परेशान हैं। सांस लेना तक मुश्किल हो गया है। कई दिनों से प्रदूषण का स्तर बहुत खराब है। गुरुवार को भी सड़कों पर धूल उड़ रही थी। हालांकि, कई जगहों पर प्राधिकरण की ओर से पानी का छिड़काव किया गया, लेकिन प्रदूषण के बढ़ते स्तर को देखते हुए ये नाकाफी था।
नोएडा के चार और ग्रेटर नोएडा के चार मॉनिटरिंग स्टेशन की सुबह से ही प्रदूषण गंभीर श्रेणी में बना हुआ था। प्रदूषण का स्तर बढ़ने से आंखों में जलन, सांस लेने में तकलीफ जैसी समस्या हो रही थी। बुधवार को ग्रेटर नोएडा का 476 और नोएडा का 462 एक्यूआई था।
अस्थमा के मरीज ध्यान रखें
डॉक्टरों के अनुसार, लंबे समय तक गंभीर श्रेणी वायु गुणवत्ता रहने से बीमार के साथ स्वस्थ लोगों पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। प्रदूषण में इतने छोटे कण मौजूद रहते हैं कि इन्हें देखा नहीं जा सकता। सांस लेने में यह फेफड़ों में चले जाते हैं। इससे कई तरह की परेशानियां हो सकती हैं। खास तौर पर अस्थमा के मरीजों को इस दौरान खास ध्यान रखने की जरूरत है।
सबसे प्रदूषित शहर
ग्रेटर नोएडा- 448
नोएडा- 441
गाजियाबाद - 440