फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कैंसर की दवा से होने वाले साइड इफेक्ट्स को रोकेगा ग्रीन टी 

Thu, 24 Nov 2016 12:14 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
विज्ञापन
कैंसर घातक बीमारी है और इसके इलाज में इस्तेमाल होने वाली दवा भी कई बार घातक बन जाती है। कई तरह के कैंसर के इलाज के लिए सिसप्लाटिन दवा का इस्तेमाल किया जाता है लेकिन इस दवा के इस्तेमाल से किडनी पर गंभीर प्रभाव पड़ता है।
विज्ञापन


यहां तक की किडनी खराब होने का भी खतरा रहता है। अब एम्स फार्माकोलॉजी विभाग के शोधकर्ताओं ने एक अध्ययन में पाया है कि ग्रीन टी के इस्तेमाल से सिसप्लाटिन दवा के साइड इफेक्ट्स को खत्म किया जा सकता है। ग्रीन टी में ऐसे तत्व की खोज एम्स के शोधकर्ताओं ने किया है और यह अध्ययन अंतरराष्ट्रीय जर्नल में प्रकाशित भी हुआ है।

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के फार्माकोलॉजी विभाग के प्रमुख डॉ.वाई.के.गुप्ता ने बताया कि आमतौर पर हेड एंड नेक, गर्भाशय कैंसर सहित कई अन्य अंगों के कैंसर में सिसप्लाटिन दवा का इस्तेमाल होता है।
विज्ञापन


ऐसा देखा गया है कि कैंसर के जितने मरीजों में इस दवा का इस्तेमाल होता है उनमें से करीब 30 फीसदी मरीजों में दवा के साइड इफेक्ट्स की वजह से किडनी खराब होने का खतरा रहता है और कईयों की किडनी खराब भी हो जाती है।

एम्स फार्माकोलॉजी विभाग के शोधकत्र्ताओं ने एक अध्ययन में पाया है कि ग्रीन टी में एपिकैटेचिन गैलेट एक ऐसा तत्व है जिसके इस्तेमाल से सिसप्लाटिन दवा से होने वाले साइड इफेक्ट्स को खत्म किया जा सकता है।

चूहों पर इस तत्व का इस्तेमाल कर शोध किया गया जिसमें सफलता भी मिली है। इसके बाद एम्स के इस शोध परिणाम को अंतरराष्टï्रीय र्जनल लेबोरेट्री इन्वेस्टिगेशन में जगह मिली है।

डॉ.गुप्ता ने बताया कि भविष्य में इस तत्व का इस्तेमाल करके दवा तैयार की जा सकती है। इस दवा का इस्तेमाल कैंसर के इलाज में दी जाने वाली दवा से होने वाले साइड इफेक्ट्स से बचाया जा सकेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें