औद्योगिक सेक्टर साइट-5 स्थित गारमेंट्स कंपनी के सुपरवाइजर और ठेकेदार के डांटने के बाद घर पहुंची महिलकर्मी राजमती (42) की तबीयत बिगड़ गई। मंगलवार शाम उसे अस्पताल ले जाया गया जहां उसने दम तोड़ दिया। महिलाकर्मी की मौत की खबर सुनते ही बुधवार सुबह कर्मचारियों ने कंपनी में तोड़फोड़ कर दी। हंगामा कर रहे कर्मचारी मुआवजे की मांग कर रहे थे।
हंगामे के बीच कंपनी में काम कर रहीं 30 से ज्यादा महिलाकर्मी बेहोश हो गईं। इनमें से बबली, कमलेश, रजनी और प्रेमलता को आईसीयू में भर्ती कराया गया है। उधर, परिजन राजमती के शव को लेकर पैतृक गांव चले गए हैं। मामले में पुलिस से शिकायत नहीं दी गई है।
मूलरूप से मऊ के इकबालपुर निवासी राजमती पति सुभाष और दो बच्चों के साथ कसाना में रहती थी। वह साइट-5 स्थित गारमेंट्स कंपनी राजलक्ष्मी में काम करती थीं। रोजाना की तरह राजमती मंगलवार को ड्यूटी पर गई थीं।
सहकर्मियों ने बताया कि मंगलवार को उनको दिया गया काम अधूरा था, इससे नाराज होकर ठेकेदार व सुपरवाइजर अभद्रता कर पंचिंग कार्ड छीन लिया था। उसे एक सप्ताह के लिए छुट्टी पर भेज दिया गया। इससे महिला को गहरा सदमा पहुंचा। तबीयत खराब होने पर राजमती को घर भेज दिया गया। जहां उसकी तबीयत और बिगड़ गई। रविवार रात को उसे कासना स्थित निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। बुधवार तड़के करीब 4 बजे उसने दम तोड़ दिया। डॉक्टरों ने हार्ट अटैक से महिला की जान जाने की बात कही है।
मुआवजे की मांग पर कंपनी में कर्मियों ने किया हंगामा
घटना की जानकारी मिलते ही बुधवार सुबह करीब 10 बजे कर्मचारी कंपनी में हंगामा करने लगे। उन्होंने सुपरवाइजर और ठेकेदार पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाते हुए परिजनों को मुआवजा दिए जाने की मांग की। अधिकारियों से झड़प होने के बाद कर्मचारियों ने कंपनी में तोड़फोड़ कर दी। मौके पर मची अफरातफरी के बीच प्रदर्शन कर रहीं करीब 30 महिलाकर्मी बेहोश हो गईं। इनमें बबली, कमलेश, रजनी, प्रेम लता, प्रिया, नीतू, करिश्मा, रजनी, मोनिका, बीना, चांदनी, मीनू आदि समेत अन्य को पांच अस्पतालों में उनको भर्ती कराया। इनमें से चार आईसीयू में भर्ती हैं जबकि अन्य को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई।
अधिक काम देकर किया जा रहा था परेशान
राजमती के देवर जितेंद्र कुमार का आरोप है कि सुपरवाइजर और ठेकेदार कई दिन से महिला को अधिक काम देकर परेशान कर रहे थे। दिया गया काम पूरा नहीं होने पर दोनों अभद्र व्यवहार करते थे। राजमती का आईकार्ड छीनकर एक सप्ताह के लिए जबरन छुट्टी पर भेज दिया गया। इससे राजमती तनाव में आ गई थी। कुछ देर बार ही बेचैनी बढ़ गई थी। तबीयत खराब होने पर निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है,जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
महिला कर्मचारी की मौत घर पर तबीयत खराब होने के कारण हुई है। कंपनी में जो कुछ भी हुआ, वह कुछ कर्मचारियों की अफवाह के कारण हुआ। हंगामे के दौरान भीड़ के कारण कुछ महिलाएं बेहोश हो गईं थीं। कुछ ही देर में सब सामान्य हो गया। महिला के परिजन की हर संभव मदद की जाएगी।
- विशाल श्रीवास्तव, एचआर प्रमुख, राजलक्ष्मी कॉटन मिल्स प्राइवेट लिमिटेड
महिला की हार्टअटैक से मौत होने की जानकारी मिली है। परिजन शव को गांव लेकर चले गए हैं।
- अशोक कुमार, एडीसीपी ग्रेनो