बताया जा रहा है चालक ने मालगाड़ी रोकने का भरसक प्रयास किया, लेकिन तीनों युवकों के पास पहुंचने तक मालगाड़ी खड़ी नहीं हो सकी और दर्दनाक हादसा हो गया। जीतू और दीपक पढ़ते थे, जबकि सोनू वाहन चलाता था।
बोड़ाकी में एक साथ पहली बार जलीं तीन चिताएं
ग्रामीणों ने बताया कि बोड़ाकी गांव में हादसे के बाद से ही मातम छा गया। परिवार की महिलाएं विलाप करने लगीं और बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्रित हो गए। ग्रामीणों ने बिना पुलिस कार्रवाई और पोस्टमार्टम के तीनों के शवों का अंतिम संस्कार किया। ग्रामीणों का कहना था कि पहली बार गांव में एक साथ तीन चिताएं जल रहीं हैं।