वाणिज्य कर विभाग के सचल दस्ते ने कर चोरों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। विभागीय समीक्षा में सामने आया है कि अप्रैल से अभी तक 1800 वाहन कर चोरी में शामिल मिले हैं। इन वाहनों से करोड़ों रुपये का माल बरामद किया गया। इसकी रिपोर्ट शासन को भी भेज दी गई है।
वाणिज्य कर विभाग का सचल दस्ता गौतमबुद्ध नगर की सीमा और ऐसे स्थानों पर तैनात रहता है, जहां से वाहनों के गुजरने की संभावना होती है। उन स्थानों पर नजर अधिक होती हैं, जिन्हें कर चोरी करने वाले चोर रास्ते के रूप में इस्तेमाल करते हैं। विभाग के अफसरों के स्तर से एक अप्रैल से 10 फरवरी तक की सचल दस्ते की कार्रवाई की समीक्षा की गई है। इसमें सामने आया है कि जिले से गुजरने वाले करीब 28 हजार वाहनों की जांच अभी तक की गई है।
इन वाहनों में 65 करोड़ से अधिक का पान-मसाला, फर्नीचर, लोहे का सामान समेत अन्य माल बरामद किया गया है। करीब 1800 वाहन ऐसे मिले, जो बिना वैध दस्तावेज और ई-वे बिल के सफर कर रहे थे। अफसरों की छानबीन में काफी वाहनों में जाली दस्तावेजों के होने की पुष्टि भी हुई। सभी वाहन चालक और व्यापारियों से कर चोरी के एवज में करोड़ों रुपये का जुर्माना जमा करा लिया गया है। वरिष्ठ अफसरों ने सचल दस्तों की टीमों को हर समय अलर्ट रहने के निर्देश भी दिए हैं।
वाणिज्य कर विभाग, अपर आयुक्त, धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि सचल दस्ते ने हजारों वाहनों की जांच की। काफी संख्या में वाहन कर चोरी में शामिल मिले हैं। दस्ते को सघन निगरानी के निर्देश हैं। कार्रवाई से शासन को भी अवगत करा दिया है।