ऊर्जा मंत्रालय ने देश में एलईडी बल्ब लगाने का अभियान चलाकर क्रांति की शुरुआत की थी। अब देश में स्मार्ट मीटर लगाने की कवायद शुरू हो गई है। स्मार्ट मीटर में छेड़छाड़ नहीं की जा सकती और इससे बिजली चोरी पर रोक लगेगी।
देश के सभी 25 करोड़ घरों में स्मार्ट मीटर लगाने का अभियान चलाया जाएगा। ये बातें केंद्रीय ऊर्जा मंत्री पीयूष गोयल ने कहीं। सोमवार को वह ग्रेटर नोएडा में एक्सपो मार्ट में आयोजित तीन दिवसीय ‘इंटीलेक्ट 2017 एंड डिस्ट्रीब्यूलेक’ प्रदर्शनी के उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रहे थे।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जल्द ही नए कनेक्शन देते समय सिर्फ स्मार्ट मीटर ही लगाए जाएंगे। बड़े पैमाने पर सरकारी खरीद होने से स्मार्ट मीटर की कीमत 8000 रुपये से घटकर 3,223 रुपये रह गई है।
स्मार्ट मीटर की कीमत में आएगी कमी
इंडिया एक्सपो मार्ट
- फोटो : अमर उजाला
राज्यों के स्तर पर खरीद शुरू होने पर इसकी कीमत में और कमी आएगी। वर्ष 2012 में फेल हुए ग्रिड सिस्टम को याद करते हुए कहा कि वह बहुत बुरा दौर था। ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए की ऐसा दौर दोबारा न आए।
उन्होंने कहा कि देश के 5 करोड़ घरों को बिजली की जरूरत है। इसको पूरा करना बहुत बड़ा चैलेंज है। वहीं इस मौके पर मेले के आयोजक ऑल इंडियन इलेक्ट्रिक एंड इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चर एसोसिएशन (आईईईएमए) के अध्यक्ष प्रकाश चंद्राकर ने कहा कि प्रदर्शनी के जरिये ऊर्जा, ऑटोमेशन, कम्युनिकेशन, सॉफ्टवेयर एवं एनालिटिक्स को एक ही मंच पर लाने का प्रयास किया गया है।
प्रदर्शनी में 100 से अधिक कंपनियां भाग ले रही हैं। पेरिस समेत पूरे फ्रांस व यूरोपीय संघ में भारतीय हस्तशिल्प उत्पादों की मांग तेजी से बढ़ रही है।
यूरोपीय संघ में बढ़ी भारतीय उत्पादों की मांग
इंडिया एक्सपो मार्ट
- फोटो : अमर उजाला
जनवरी की शुरुआत में फ्रांस के पेरिस में आयोजित ‘मैसन एंड आब्जेक्ट’ में भारतीय हस्तशिल्प उत्पादों की प्रदर्शनी लगाई गई। जिसमें आंध्र प्रदेश, जयपुर, जोधपुर, मुरादाबाद, दिल्ली, आगरा और फिरोजाबाद के उत्पादों को प्रदर्शित किया गया था।
एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल आफ इंडिया के कार्यकारी निदेशक राकेश कुमार ने बताया कि पेरिस में साल में दो बार प्रदर्शनी का आयोजन किया जाता है। मालूम हो कि यूरोपीय संघ भारतीय हस्तशिल्प उत्पाद का एक बड़ा आयातक है।
वर्ष 2015-16 में यूरोपीय संघ में को किया जाने वाला निर्यात 6029.70 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है।