ग्रेनो वेस्ट की गौड़ सौंदर्यम सोसाइटी में मंदिर की घंटी धीमी बजाने के आदेश को देर रात वापस ले लिया गया। निवासियों के विरोध के बाद उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (यूपीपीसीबी) ने पहले जारी किया आदेश वापस ले लिया।
इससे पहले यूपीपीसीबी ने ग्रेनो वेस्ट की गौड़ सौंदर्यम सोसाइटी की अपार्टमेंट ओनर्स एसोसिएशन (एओए) को नोटिस जारी कर मंदिर की घंटी धीमी बजाने का आदेश जारी किया था। जिसके बाद एओए ने निवासियों से धीमी आवाज में घंटी बजाने की अपील की थी।
गौड़ सौंदर्यम सोसाइटी के टावरों के बीच कॉमन एरिया में मंदिर बना हुआ है। जहां रोजाना सोसाइटी के निवासी पूजा करने जाते हैं। पूजा के समय लोग घंटी बजाते हैं, जिसकी तेज आवाज से सोसाइटी के कुछ निवासियों को परेशानी हो रही थी। करीब एक माह पहले उन्होंने इसकी शिकायत यूपीपीसीबी से की। शिकायत पर यूपीपीसीबी ने जांच कराई तो घंटी की आवाज मानकों से अधिक मिली। आवाज 55 डेसिबल से अधिक थी।
यूपीपीसीबी के अफसरों ने बताया कि कई बार निगरानी करने के बाद एओए को नोटिस जारी कर आवाज कम करने का आग्रह किया गया है। घंटी की आवाज 55 डेसिबल से कम होनी चाहिए। वहीं सोसाइटी की एओए के पदाधिकारियों का कहना है कि यूपीपीसीबी के पत्र के बाद सोसाइटी के व्हाट्सएप ग्रुप व बोर्ड पर एक सार्वजनिक सूचना जारी कर दी गई है। निवासियों ने पूजा के दौरान घंटी को धीमी आवाज पर बजाने की अपील की है। आदेश जारी होने के बाद इसका विरोध शुरू हो गया।
नोटिस से ग्रेनो वेस्ट के लोगों में रोष
यूपीपीसीबी का नोटिस बुधवार को सोशल मीडिया पर वायरल रहा, जिस पर लोग नाराजगी जाहिर कर रहे है। लोगों का कहना है कि यूपीपीसीबी प्रदूषण पर नियंत्रण करने में नाकाम साबित हो रहा है। प्रदूषण की जगह मंदिर की घंटी पर नोटिस जारी कर रहा है, जो गलत है। मंदिर की घंटी से ध्वनि प्रदूषण नहीं होता है। निवासियों ने कार्रवाई वापस लेने की मांग की है।
गौड़ सौंदर्यम सोसाइटी के कुछ निवासियों ने मंदिर की घंटी की तेज आवाज की शिकायत की थी। जांच की तो घंटी की आवाज मानकों से अधिक मिली। जिस पर एओए को ध्वनि प्रदूषण के मानकों का पालन करने का नोटिस जारी किया गया है। लोगों के विरोध के बाद आदेश को वापस ले लिया गया है।
-डीके गुप्ता, क्षेत्रीय अधिकारी ग्रेटर नोएडा, यूपीपीसीबी