नेशनल बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन कॉरपोरेशन लिमिटेड (एनबीसीसी) सुपरटेक बिल्डर के 16 अधूरे प्रोजेक्टों का निर्माण पूरा करेगा। बृहस्पतिवार को राष्ट्रीय कंपनी अधिनियम अपीलीय न्यायाधिकरण (एनसीएलएटी) ने इस बाबत आदेश जारी कर दिए हैं।
एनबीसीसी को पहली अप्रैल 2025 से काम शुरू कर तीन साल में प्रोजेक्ट पूरा करना होगा। निर्माण पूरा करने मेें करीब 9444 करोड़ खर्च होंगे। एनसीएलएटी का यह आदेश दून स्क्वायर प्रोजेक्ट पर लागू नहीं होगा।
नोएडा, ग्रेटर नोएडा, मेरठ, गुरुग्राम, रुद्रपुर, देहरादून और बंगलुरू में सुपरटेक बिल्डर के 17 प्रोजेक्ट हैं। इनमें कुल 50,356 फ्लैट बनाए जाने हैं। इनमें 40,316 फ्लैट बिक चुके हैं। जबकि 10,040 फ्लैट बिके नहीं हैं। सभी प्रोजेक्ट को पूरा करने का निर्धारित समय पूरा हो चुका है।
खरीदार 5 से 10 वर्ष से इंतजार कर रहे हैं, लेकिन बिल्डर काम नहीं कर रहा है। मामले में यूनियन बैंक ऑफ इंडिया ने बिल्डर के खिलाफ एनसीएलटी में याचिका दायर की। जिस पर सुपरटेक बिल्डर के खिलाफ दिवालिया की कार्रवाई शुरू हुई।
अब एनसीएलएटी ने दून स्क्वायर के अलावा सुपरटेक के 16 प्रोजेक्टों को पूरा करने की जिम्मेदारी एनबीसीसी को सौंप दी हैं। एनबीसीसी को 31 मार्च, 2025 से पहले हर प्रोजेक्ट की विस्तृत रिपोर्ट जमा करनी होगी। जिसमें यह हर प्रोजेक्ट के शुरू और खत्म होने की जानकारी देनी होगी।
एक अप्रैल, 2025 से निर्माण कार्य शुरू होगा। इन सभी प्रोजेक्ट के निर्माण यूपी रेरा के दायरे में होगा। यूपी रेरा के नियम लागू होंगे। इन सभी प्रोजेक्ट में करीब 25000 फ्लैटों का निर्माण अभी बाकी हैं। जिनके पूरा होने पर खरीदारों का इंतजार खत्म होगा।