फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

शाहबेरी के 21 और बिल्डरों को नोटिस, टूटेंगी ये इमारतें

Mon, 23 Jul 2018 01:10 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा
विज्ञापन
विज्ञापन
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने शाहबेरी की 21 और बिल्डिंगों पर नोटिस चस्पा करते एक सप्ताह में तोड़ने को कहा है। अगर प्राधिकरण ने इसे तोड़ा तो इसका खर्च भी वसूल करेगा।  
विज्ञापन


ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के डीजीएम प्रोजेक्ट एके अरोड़ा ने बताया रविवार को शाहबेरी के 21 बिल्डरों के बिल्डिंग परिसर पर नोटिस चस्पा की गई। इसमें बिल्डर को साफ चेतावनी दी गई है कि यह प्राधिकरण की अधिसूचित एरिया में बना है, जो कि बिना अनुमति के अवैध है। 

एक सप्ताह में इस पर हुए निर्माण को हटा ले और जमीन जैसी थी वैसे करके दे। अगर प्राधिकरण ने तोड़ा तो उसका खर्च भी बिल्डर से वसूल किया जाएगा। इससे पहले शनिवार को भी 31 बिल्डरों को नोटिस जारी की गई थी। उनकी तरफ से बनी बिल्डिंग पर चस्पा की थी। इनको भी एक सप्ताह में निर्माण हटाने की चेतावनी दी गई है।  
विज्ञापन

इंजीनियरों की टीम परखेगी मजबूती 

शाहबेरी में अवैध रूप से बने फ्लैटों को तोड़ने से पहले प्राधिकरण और पीडब्ल्यूडी विभाग के इंजीनियर परखेंगे कि बिल्डिंग की मजबूती कैसी है। उसकी रिपोर्ट के आधार पर इसे तोड़ा जाएगा, जिससे कि बिल्डर यह आरोप न लगा सके कि बिल्डिंग मजबूत थी, फिर भी तोड़ दिया।

इस मसले पर सोमवार को प्राधिकरण और जिला प्रशासन के सीनियर अफसर बैठक कर सकते हैं, जिससे कि टीम गठित कर तत्काल जांच शुरू कराई जा सके।  

शाहबेरी गांव में दो बिल्डिंग गिरने से 24 लोगों की मौत के मामले में पुलिस चार आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद किसी आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया है। 

सीएम ने 15 दिन के भीतर जिला प्रशासन से रिपोर्ट मांगी है। इसके चलते पुलिस ने अपना ध्यान इस मामले में की गई पुलिस कार्रवाई की रिपोर्ट तैयार कराने में लगाया हुआ है।  
विज्ञापन

बता दें कि शाहबेरी गांव में दर्दनाक हादसे के बाद पुलिस ने सीएम के सख्त कार्रवाई के आदेश मिलते ही 24 लोगों को नामजद करते हुए एफआइआर दर्ज कर ली थी। पुलिस ने तुरंत आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास भी शुरू किए। शुरुआत में ही पुलिस ने भूस्वामी गंगा शंकर द्विवेदी समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। 

इसके बाद श्याम पाठक को गिरफ्तार किया गया। श्याम पाठक का नाम एफआईआर में नहीं था। इसके चलते उसके नाम को लेकर असमंजस की स्थिति बनी रही थी। बाद में डीएम की रिपोर्ट में श्याम पाठक उर्फ सोनू पाठक नाम लिखा गया था। सोनू पाठक के नाम एफआईआर दर्ज है। 

इसके बाद पुलिस ने अब तक किसी आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया है। बिसरख कोतवाली प्रभारी अखिलेश त्रिपाठी ने बताया कि जांच की जा रही है। अन्य आरोपियों को भी जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। वहीं, तहसील अधिकारियों ने भूमि संबंधित दस्तावेज उपलब्ध करा दिए हैं, उनकी जांच की जा रही है।  
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें