ग्रेटर नोएडा के बिसरख और दादरी के गांवों के 10 किमी के दायरे में पुराने कारखानों द्वारा मानकों को नजरअंदाज कर प्रदूषित जल जमीन में छोड़ा जा रहा है।
मिनिस्ट्री ऑफ माइंस की टीम ने कैंसर प्रभावित गांवों में पानी के नमूने लिए हैं, जिनकी रिपोर्ट दो माह में आएगी।
टीम के अनुसार, प्रारंभिक जांच में पानी पीने लायक नहीं पाया गया है। लालकुआं से दादरी के बीच छपरौला औद्योगिक क्षेत्र, सिकंदराबाद औद्योगिक क्षेत्र और दादरी से सूरजपुर के बीच साइट-सी का औद्योगिक क्षेत्र है।
यहां चमड़ा, इस्पात, चावल व पेपर मिल और पुरानी बैट्री गलाने समेत तमाम कंपनियां मौजूद हैं।