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दिल्ली-NCR में GRAP-4 खत्म: राजधानी में अब ग्रैप-3 की पाबंदियां लागू, जानिए क्या रहेगा खुला और क्या बंद?

Tue, 24 Dec 2024 08:59 PM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

AQI स्तर में गिरावट के मद्देनजर दिल्ली और पड़ोसी राज्यों में वायु प्रदूषण से निपटने के लिए ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP-4) को वापस ले लिया गया है।

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दिल्ली-NCR में ग्रैप 4 के प्रतिबंधों में छूट - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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राजधानी की हवा में सुधार आने के बाद वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने तत्काल प्रभाव से ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रैप) चार की पाबंदियां हटा दी हैं। ऐसे में सभी निर्माण गतिविधियों पर प्रतिबंध, दिल्ली में गैर-जरूरी प्रदूषण फैलाने वाले ट्रकों का प्रवेश और 10वीं और 12वीं कक्षाओं को छोड़कर सभी कक्षाओं को अनिवार्य रूप से हाइब्रिड मोड पर भी रोक हट गई है। सीएक्यूएम ने अपने आदेश में गैर-आवश्यक डीजल ट्रकों को दिल्ली में प्रवेश करने पर प्रतिबंध जारी रखा है, जबकि केवल आवश्यक सेवाओं को छोड़कर राजधानी में पंजीकृत बीएस-चार और पुराने डीजल से चलने वाले भारी माल वाहनों पर भी प्रतिबंध जारी रहेगा।

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मंगलवार को जारी एक आधिकारिक आदेश में ग्रैप के चरण एक, दो और तीन के तहत निर्धारित प्रतिबंध लागू रहेंगे। वही, तीसरे चरण के तहत पांचवीं कक्षाओं को हाइब्रिड मोड में शिफ्ट करना आवश्यक है। इसमें अभिभावकों और छात्रों के पास ऑनलाइन शिक्षा चुनने का विकल्प है। यही नहीं, दिल्ली-एनसीआर में बीएस-तीन पेट्रोल और बीएस-चार डीजल कार के उपयोग पर प्रतिबंध है। लेकिन, इस नियम में दिव्यागों को छूट दी गई है। वहीं, तीसरे चरण में दिल्ली में बीएस-चार या उससे पुराने मानकों वाले गैर-आवश्यक डीजल-संचालित मध्यम माल वाहनों पर भी प्रतिबंध है।

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ग्रैप-4 में थीं ये पाबंदियां 
- दिल्ली के बाहर से आने वाले सभी ट्रकों के प्रवेश पर पाबंदी। हालांकि, जरूरी सामान लाने वाले व सीएनजी और इलेक्ट्रिक ट्रकों पर पाबंदी से छूट दी गई थी।
- दिल्ली में पंजीकृत मध्यम व भारी डीजल संचालित माल वाहनों पर प्रतिबंध। जरूरी सामान वाले वाहनों को थी छूट।
- एनसीटी दिल्ली व एनसीआर में डीजल चलित चार पहिया वाहनों पर थी रोक। हालांकि, आपातकालीन वाहनों को छूट दी गई थी। इस श्रेणी में केवल बीएस-6 वाहन चल सकते थे।
- एनसीआर में उद्योगों पर पाबंदी थी। जहां पीएनजी ईंधन की सुविधा नहीं थी और सरकार द्वारा अधिकृत सूची से बाहर के ईंधन के उपयोग पर थी रोक। हालांकि, दूध व डेयरी उत्पादों और मेडिकल उपकरणों से जुड़े उद्योगों को छूट दी गई थी। 
- निर्माण व विध्वंस गतिविधियों पर रोक। इसके अलावा फ्लाईओवर, राजमार्ग, पुल व पाइपलाइन समेत अन्य गतिविधियों पर रोक। 
- एनसीआर राज्य सरकारें सार्वजनिक, निगम और निजी दफ्तरों में 50 फीसदी क्षमता के साथ घरों से काम करने की छूट देने का था प्रावधान। 
- राज्य सरकारें स्कूल व कॉलेज को बंद करने के साथ गैर आपातकालीन वाणिज्यिक गतिविधियों को बंद कर सकती थी।
- डीजल जनरेटर सेट पर प्रतिबंध

ग्रेप तीन के तहत इन कार्य पर रहेगी पाबंदी
-पूरे एनसीआर में धूल पैदा करने वाली व वायु प्रदूषण फैलाने वाली सीएंडडी गतिविधियों पर सख्त प्रतिबंध रहेगा।
-बोरिंग और ड्रिलिंग कार्यों सहित खुदाई और भराई के लिए मिट्टी का काम।
-पाइलिंग कार्य, सभी विध्वंस कार्य।
-ओपन ट्रेंच सिस्टम द्वारा सीवर लाइन, पानी की लाइन, ड्रेनेज और इलेक्ट्रिक केबलिंग आदि बिछाना।
-ईंट/चिनाई कार्य।
-प्रमुख वेल्डिंग और गैस-कटिंग कार्य, हालांकि, एमईपी (मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल और प्लंबिंग) कार्यों के लिए छोटी वेल्डिंग गतिविधियों की अनुमति दी जाएगी।
-सड़क निर्माण गतिविधियां और प्रमुख मरम्मत।
-परियोजना स्थलों के भीतर व बाहर कहीं भी सीमेंट, फ्लाई-ऐश, ईंट, रेत, पत्थर आदि जैसी धूल पैदा करने वाली सामग्रियों का स्थानांतरण, लोडिंग/अनलोडिंग।
-कच्ची सड़कों पर निर्माण सामग्री ले जाने वाले वाहनों की आवाजाही।
-विध्वंस अपशिष्ट का कोई भी परिवहन।
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नए जोड़े गए नियम
- बीएस-3 स्टैंडर्ड या इससे नीचे के मीडियम गुड्स वीकल (एमजीवी) अब दिल्ली में नहीं चल सकेंगे। जरूरी सामान लेकर आ रहे एमजीवी को इसमें छूट दी गई है।
- बीएस-3 और इससे नीचे के मीडियम गुड्स करियर जो दिल्ली के बाहर रजिस्टर्ड हैं, उन्हें दिल्ली में नहीं आने दिया जाएगा। जरूरी सामान से जुड़े वाहनों इसमें शामिल नहीं हैं।
- एनसीआर से आने वाली इंटरस्टेट बसों को दिल्ली में नहीं आने दिया जाएगा। इलेक्ट्रिक बसों, सीएनजी बसों और बीएस-6 डीजल बसों को इसमें छूट दी गई है। साथ ही ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट वाली बसों, टेम्पो ट्रैवलर को भी छूट दी गई है।
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