साथ ही, एनसीआर से आने वाली अंतरराज्य बसों को दिल्ली में नहीं आने दिया जाएगा। हालांकि, इलेक्ट्रिक व सीएनजी बसों और बीएस-6 डीजल बसों को इसमें छूट दी गई है। उधर, ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट वाली बसों, टेम्पो ट्रैवलर को भी छूट दी गई है। इसमें दिव्यांग व्यक्तियों को बीएस-तीन पेट्रोल व बीएस-चार डीजल एलएमवी चलाने की अनुमति है। वहीं, कक्षा पांचवीं तक के स्कूलों को हाइब्रिड मोड में संचालित करने की सलाह दी है।
शुक्रवार को सीएक्यूएम की उप-समिति ने बैठक में देखा कि दिल्ली का औसत एक्यूआई 350 के आंकड़े को पार कर गया है। वहीं, घने कोहरे, कम मिक्सिंग हाइट, परिवर्तनशील हवाओं और प्रतिकूल मौसम संबंधी स्थितियों के कारण इसमें वृद्धि का रुझान दिख रहा है। ऐसे में समिति ने वायु गुणवत्ता में और गिरावट को रोकने के प्रयास में एनसीआर में ग्रेप के चरण तीन को तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया है।
ग्रेप तीन के तहत इन कार्य पर रहेगी पाबंदी
-पूरे एनसीआर में धूल पैदा करने वाली व वायु प्रदूषण फैलाने वाली सीएंडडी गतिविधियों पर सख्त प्रतिबंध रहेगा।
-बोरिंग और ड्रिलिंग कार्यों सहित खुदाई और भराई के लिए मिट्टी का काम।
-पाइलिंग कार्य, सभी विध्वंस कार्य।
-ओपन ट्रेंच सिस्टम द्वारा सीवर लाइन, पानी की लाइन, ड्रेनेज और इलेक्ट्रिक केबलिंग आदि बिछाना।
-ईंट/चिनाई कार्य।
-प्रमुख वेल्डिंग और गैस-कटिंग कार्य, हालांकि, एमईपी (मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल और प्लंबिंग) कार्यों के लिए छोटी वेल्डिंग गतिविधियों की अनुमति दी जाएगी।
-सड़क निर्माण गतिविधियां और प्रमुख मरम्मत।
-परियोजना स्थलों के भीतर व बाहर कहीं भी सीमेंट, फ्लाई-ऐश, ईंट, रेत, पत्थर आदि जैसी धूल पैदा करने वाली सामग्रियों का स्थानांतरण, लोडिंग/अनलोडिंग।
-कच्ची सड़कों पर निर्माण सामग्री ले जाने वाले वाहनों की आवाजाही।
-विध्वंस अपशिष्ट का कोई भी परिवहन।
ग्रेप-3 में लोगों के लिए सीएक्यूएम की सलाह
-कम दूरी के लिए साइकिल का करें इस्तेमाल या चलें पैदल।
-संभव होने पर कार पूलिंग का लें सहारा।
-सार्वजनिक परिवहन का करें इस्तेमाल।
-दफ्तर से इजाजत मिलने पर वर्क फ्रॉम होम पर चले जाएं।
-निर्माण कार्य समेत दूसरी प्रदूषण पैदा करने वाली गतिविधियों का रोकें।