उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूपीएसएसएससी) लखनऊ द्वारा 21 फरवरी को आयोजित कराई गई ग्राम पंचायत अधिकारी परीक्षा पर सवाल उठने लगे हैं। मामला परीक्षा के टाइम को लेकर है।
अभ्यर्थियों का आरोप है कि रोल नंबर पर जहां परीक्षा का समय सुबह 11 बजे से दोपहर साढे़ 12 अंकित था, वहीं प्रश्नपत्र पर 11 से 1 बजे तक अंकित था। इससे गफलत की स्थिति बनी।
अभ्यर्थियों का आरोप है कि इस गफलत के चलते किसी सेंटर पर परीक्षा डेढ़ घंटे में समाप्त करा दी गई, जबकि कुछ पर अभ्यर्थियों को दो घंटे का समय दिया गया।
अभ्यर्थी नीरज कुमार सिंह ने परीक्षा में इस इस गड़बड़झाले के खिलाफ हाईकोर्ट में रिट दाखिल करने की बात कही है।
गाजियाबाद स्थित रॉयल कॉलेज ऑफ लॉ में बीटीसी फैकल्टी नीरज कुमार सिंह ने बताया कि वह खुद और उनकेही कॉलेज के कुछ अन्य साथी लेक्चरर इस परीक्षा में शामिल हुए थे।
उनका सेंटर आगरा के ताज नगरी फेस-1 स्थित उमा पब्लिक स्कूल में था। जबकि उनके साथी विकास शर्मा का सेंटर सहारनपुर के प्रद्युमभननगर स्थित जेवी जैन कॉले में था।
इन दोनों ही सेंटर पर परीक्षा के लिए अभ्यथियों को मात्र डेढ़ घंटे का समय दिया गया। परीक्षकों का कहना था कि प्रश्नपत्र पर अंकित 2 घंटे का समय गलत है।
इसी के चलते रोल नंबर पर अंकित डेढ़ घंटे के हिसाब से ही परीक्षा कराई जाएगी। नीरज ने बताया कि उनकी एक अन्य साथी सीमा कौशिक का सेंटर भी किसी अन्य जिले में था, उनके सेंटर पर भी अभ्यर्थियों से डेढ़ घंटे बाद ही ओएमआर शीट ले ली गई।
गाजियाबाद आकर उन्हें पता चला है कि यहां इस परीक्षा के लिए पूरे दो घंटे का समय अभ्यर्थियों को दिया गया। अनिल सिंह का कहना है कि अब उन्होंने और उनके साथी अब इस मामले में हाईकोर्ट में रिट दाखिल करेंगे। इसके लिए कानून विशेषज्ञों से सलाह ली जा रही है।
बता दें कि ग्राम पंचायत अधिकारी परीक्षा यूपी के कई जिलों में रविवार को एक साथ आयोजित कराई गई थी। गाजियाबाद में इस परीक्षा के लिए 35 केंद्र बनाए गए थे।