नौकरी का ख्वाब दिखाकर लाखों रुपये ठगे
नोएडा में फर्जी कंपनी खोलकर लोगों से लाखों रुपये ठगने के मामले सामने आए हैं। पहले तो लोग इन फर्जी कंपनियों के लुभावने ऑफर में फंसे और फिर हजारों रुपये जमा कर फर्जीवाड़े का शिकार हो गए। थाना सेक्टर-58 और सेक्टर-39 में नौकरी लगवाने के नाम पर लाखों रुपये ठगने का मामला पता चला है।
इसके अलावा थाना सेक्टर-20 में कई लोगों से दो महीने काम करवाया गया और अब सेलरी नहीं मिलने पर कर्मचारी थाने के चक्कर लगा रहे हैं।
केस 1 : 25-25 हजार रुपये की सिक्योरिटी मनी ली
सेक्टर-63 के एच-35 स्थितएडवांस माइक्रोसॉफ्ट टेक्नोलॉजी कंपनी ने करीब तीन महीने पहले डॉट नेट और पीएचसी प्रोफेशनल्स को नौकरी पर रखने के लिए 25-25 हजार रुपये सिक्योरिटी मनी ली थी। लोगों को प्रतिमाह 8 से 15 हजार रुपये सेलरी देने का दावा किया गया। करीब 40 लोगों ने कंपनी प्रबंधन को रुपये दिए।
पहले महीने तक की सेलरी तो दी गई। इसके बाद दो माह तक काम कराने के बाद भी तनख्वाह नहीं मिली। बाद में जानकारी हुई कि कंपनी फर्जी है और इसका कहीं रजिस्ट्रेशन नहीं है। अब कर्मचारियों ने कंपनी मालिक विकास यादव और अतुल यादव के खिलाफ पुलिस को शिकायत दी है। पीड़ित संजीव, रोहिताश, विकास कुमार, अखिलेश सिंह ने बताया कि प्रबंधन उन्हें जान से मारने की धमकी दे रहा है।
केस 2 : जॉब वेबसाइट से फंसाया शिकार
रांची के बोकारो निवासी संजय ने बताया कि उन्होंने नौकरी के सिलसिले में एक जॉब वेबसाइट पर बायोडाटा डाला था। जुलाई के अंतिम सप्ताह में उसके मोबाइल पर एक आईटी कंपनी से जॉब का ऑफर आया। उसे सेक्टर-132 स्थित बेन क्लाइमेट कंपनी में जॉब नौकरी मिली। इसकी एवज में उससे 1.60 लाख रुपये सिक्योरिटी मनी के रूप में मांगे गए।
इस दौरान सेलरी 30 हजार रुपये महीने दिए जाने का वादा किया गया। पहली किस्त में संजय ने कंपनी के एचआर हेड अंकुश को 80 हजार रुपये दिए। इसी तरह विकास ने 80 हजार, मनीष ने 1 लाख 60 हजार, हैदर ने 1 लाख 60 हजार, प्रवीण ने 80 हजार, सोनू ने 80 हजार, नवीन ने 80 हजार, रितु अग्रवाल और ज्योति समेत 30 से अधिक लोगों से नौकरी लगाने के लिए रुपये दिए।
इस तरह उनसे करीब 20 लाख रुपये ठगे गए। सभी ने अगस्त से अक्टूबर तक कंपनी में काम भी किया। बाद में उन्हें सेलरी भी नहीं मिली। पता चला कि कंपनी कहीं रजिस्टर्ड नहीं है। यह चीन की एक कंपनी के नाम पर फर्जी चल रही है। आरोप है कि कंपनी के एचआर हेड अंकुश ने कंपनी को चीन की एक ब्रांच बताया था। बृहस्पतिवार को थाना सेक्टर-39 पहुंचे हैदर ने बताया कि राहुल, आदित्य और अभिनव ने फर्जीवाड़ा कर कंपनी खोली थी। एसपी सिटी के निर्देश पर पीड़ितों ने थाना सेक्टर-39 में चार लोगों के खिलाफ ठगी की शिकायत दी है।
केस 3 : दो माह से नहीं दिया वेतन
थाना सेक्टर-20 में भगत सिंह पुंडीर ने शिकायत दी है कि उन जैसे 14 लोगों को कंपनी ने दो माह से वेतन नहीं दिया है। आरोप है कि सेक्टर-3 के डी-2 में ओगोमेंट फाइनेंसियल सर्विस नाम की कंपनी है। जो लोगों को लोन दिलाने व बीमा करने का काम करती है। यहां अगस्त व सितंबर में करीब 14 लोगों ने ज्वाइन किया था। दो माह काम करने के बाद जब ये सभी कंपनी प्रबंधन के पास वेतन के लिए पहुंचे तो प्रबंधन ने टाल दिया।
इसके बाद पीड़ितों ने थाना सेक्टर-20 में कंपनी प्रबंधन के प्रेम नागपाल और सुनील नागपाल के खिलाफ शिकायत की है। इस मामले में जब पुलिस ने कंपनी प्रबंधन से पूछा तो उन्होंने बताया कि ये लोग न तो कंपनी के कर्मचारी हैं और न ही इनको ज्वाइनिंग लेटर दिया गया है। जबकि पीड़ित पक्ष का कहना है कि उनके पास ज्वाइनिंग लेटर है।