दिल्ली हाईकोर्ट ने जेबीटी शिक्षक भर्ती घोटाले के मामले में दोषी हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री ओपी चौटाला द्वारा समय पूर्व रिहाई की मांग के लिए दायर याचिका पर दिल्ली सरकार को विचार करने का निर्देश दिया है। चौटाला ने इस याचिका में अपनी 83 साल की आयु और अन्य अधिसूचना का हवाला देते हुए मांग रखी है।
न्यायमूर्ति सिद्धार्थ मृदुल और प्रतीक जलाल की पीठ ने मंगलवार को ओपी चौटाला द्वारा दायर की गई याचिका पर संज्ञान लिया। इस याचिका में केंद्र सरकार की 18 जुलाई, 2018 की अधिसूचना के आधार पर जल्द रिहाई की मांग की गई है।
अधिसूचना का हवाला देते हुए कहा गया कि अधिसूचना के अनुसार 60 साल से ज्यादा उम्र पार कर चुके पुरुष, 70 फीसदी वाले दिव्यांग और बच्चे अगर कोर्ट से मिली सजा की आधी मियाद पूरी कर चुके हैं, तो राज्य सरकार उनकी रिहाई पर विचार कर सकती है। इस बाबत पीठ ने दिल्ली सरकार को चौटाला की जल्द रिहाई की मांग पर विचार करने के निर्देश दिए हैं और चार सप्ताह में इसका जवाब मांगा है।
चौटाला के वकील ने आग्रह किया कि उनके मुवक्किल ओपी चौटाला की उम्र 83 साल है और शारीरिक रूप से 70 प्रतिशत असक्षम हैं। इस मामले में उन्हें मिली 10 साल की सजा में से वह 7 साल की सजा काट चुके हैं, लिहाजा पीठ उनकी याचिका पर सरकार को विचार करने के लिए निर्देश जारी करे।